रुड़की: गंगनहर किनारे मूर्ति ध्वस्तीकरण के मामले में स्वर्णकार समाज का आक्रोश बढ़ा
Roorkee News : रुड़की में गंगनहर किनारे स्थापित अजमीर जी महाराज की मूर्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई ने अब तूल पकड़ लिया है। गंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर गंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर गंगनहर किनारे मूर्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई मामले को लेकर […]
रुड़की में गंगनहर किनारे मूर्ति को हटाने की कार्रवाई से भड़का स्वर्णकार समाज
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कम शब्दों में कहें तो, रुड़की में गंगनहर किनारे की अजमीर जी महाराज की मूर्ति को हटाने की सरकारी कार्रवाई ने समुदाय में भारी नाराज़गी पैदा कर दी है। इस विवाद ने अब एक नई दिशा ले ली है जो समाज के बीच गहरी बहस को जन्म दे रही है। हम यहाँ पर सारी जानकारी विस्तार से बताएँगे।
रुड़की के गंगनहर किनारे बनी मूर्ति को लेकर एक बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने समाज में असंतोष का माहौल बना दिया है। जेसीबी मशीन के माध्यम से मूर्ति को ध्वस्त करने की इस कार्रवाई ने स्थानीय स्वर्णकार समाज के लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
गंगनहर किनारे मूर्ति पर चला बुलडोजर
रुड़की में गंगनहर किनारे स्थित अजमीर जी महाराज की मूर्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई के बाद इलाके में हंगामे की स्थिति बनी हुई है। सिंचाई विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मूर्ति के स्लैब के साथ-साथ आस-पास की दीवारें व गेट भी तोड़ दिए। इस दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती देखी गई ताकि कोई विरोध प्रदर्शन न हो।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से भड़का स्वर्णकार समाज
यह मामला गंगनहर क्षेत्र के एक पुल के पास का है, जहाँ सिंचाई विभाग ने मूर्ति और उसके आसपास के निर्माण को अवैध अतिक्रमण मानते हुए यह कदम उठाया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उन्हें उच्च अधिकारियों से आदेश प्राप्त हुए थे कि इन अवैध निर्माणों को हटाना आवश्यक है।

स्वर्णकार समाज के सदस्य इस कार्रवाई को अपने पूर्वजों का अपमान मानते हैं। समाज के लोगों का आरोप है कि करीब चार महीने पहले इस मूर्ति का स्थापना कार्यक्रम श्री महाराज की उपलब्धियों और उनकी विरासत को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्थानीय बता रहे पूर्वजों का अपमान
समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस प्रकार की कार्रवाई से पहले स्थानीय बुद्धिजीवियों और समाज के लोगों से सलाह लेनी चाहिए थी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे कोई भी कार्रवाई समाज के लिए काफी हानिकारक हो सकती है।
समाज के प्रतिनिधियों और समर्थन करने वाले लोगों ने कहा है कि वे इस मुद्दे को न्यायालय तक ले जाने के लिए तैयार हैं, अगर प्रशासन उनकी बातों को नहीं सुनता है। यह मामला अब स्थानीय राजनीति में भी बहुत गर्म हो गया है।
स्वर्णकार समाज की ओर से ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा जा चुका है, जिसमें इस विवादास्पद कार्रवाई को रोकने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति का समाधान बातचीत द्वारा खोजा जाना चाहिए।
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Team The Odd Naari
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