ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री का सेना को सलाम, बोले- अब किसी की हिम्मत नहीं
DEHRADUN: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के शौर्य के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेना […] The post ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर सीएम ने किया सेना के शौर्य को नमन, कहा किसी की आंख उठाने की हिम्मत नहीं appeared first on Devbhoomi Dialogue.
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री का सेना को सलाम, बोले- अब किसी की हिम्मत नहीं
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सैन्य वीरता को सलाम किया और कहा कि भारत की सेना की ताकत से दुश्मन की आंख उठाने की हिम्मत नहीं है।
DEHRADUN: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर, सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 'ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सेना के अदम्य शौर्य के कारण आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और शौर्य के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से सुरक्षा बलों ने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनके इस समर्पण के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा देना है।
मुख्यमंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "जब पूरा देश सो रहा था, तब हमारी सेनाओं ने 22 मिनट में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर अचूक हमला किया।" उन्होंने बताया कि भारत की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने देश की सुरक्षा को सुनिश्चित किया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। चार दिनों के भीतर हमारे सैनिकों ने अपने साहस से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए झुका दिया।
उत्तराखंड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य के प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में होता है, जिससे हमारे लोगों के दिलों में सेना के प्रति एक भावनात्मक लगाव है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जवानों की मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से भी सुसज्जित किया जा रहा है। भारत अपनी रक्षा क्षमताओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, साथ ही अन्य देशों को भी रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में, रक्षा सामग्री के निर्यात में 38 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है और भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया है कि हमारे स्वदेशी हथियार विदेशी उपकरणों के मुकाबले कहीं बेहतर हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को अनुग्रह राशि में पांच गुना की वृद्धि की है, और पूर्व सैनिकों के लिए भी कई सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। परमवीर चक्र से लेकर अन्य वीरता पुरस्कारों के लिए दिए जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी घोषणा की कि शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए आवेदन की अवधि 2 वर्षों से बढ़ाकर 5 वर्ष की जाएगी। सरकार पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में नि:शुल्क यात्रा की अनुमति भी दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है और अपने सैनिकों के अधिकारों के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रहा है।" यह स्थिति न केवल सैनिकों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित करती है, बल्कि भविष्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत मंच भी तैयार करती है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह एक साधारण कार्यक्रम नहीं बल्कि हमारे वीर सैन्य बलों के लिए एक श्रद्धांजलि है।
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Team The Odd Naari
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