चंपावत गैंगरेप मामले पर विपक्ष एवं महिला संगठनों का विरोध प्रदर्शन

The post चंपावत गैंगरेप मामले में विपक्ष व महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन appeared first on Avikal Uttarakhand. दून, हल्द्वानी समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन अविकल उत्तराखंड हल्द्वानी/देहरादून। चंपावत गैंग रेप प्रकरण को लेकर दून, हल्द्वानी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन की खबरें है।दून में कांग्रेस… The post चंपावत गैंगरेप मामले में विपक्ष व महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन appeared first on Avikal Uttarakhand.

May 8, 2026 - 18:38
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चंपावत गैंगरेप मामले पर विपक्ष एवं महिला संगठनों का विरोध प्रदर्शन
चंपावत गैंगरेप मामले पर विपक्ष एवं महिला संगठनों का विरोध प्रदर्शन

चंपावत गैंगरेप मामले पर विपक्ष एवं महिला संगठनों का विरोध प्रदर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, चंपावत गैंगरेप मामले को लेकर उत्तराखंड के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। महिलाओं और उनके अधिकारों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और अन्य महिला संगठनों ने अपनी आवाज उठाई।

देहरादून, हल्द्वानी में प्रदर्शन का सिलसिला

चंपावत गैंगरेप प्रकरण के संदर्भ में राजधानी देहरादून सहित हल्द्वानी और अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने घटना की सत्यता को उजागर करने, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठाए। गांधी पार्क में कांग्रेस और महिला मंच की मुख्य नेता कमला पंत ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर चिंता व्यक्त की।

महिला कांग्रेस ने इस मामले को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जिसमें कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन की अगुवाई महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष मधु सांगूड़ी ने की, जिन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

Protest at Gandhi Park

मधु सांगूड़ी ने कहा, "महिलाओं की सुरक्षा का हाल चिंताजनक है। महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बावजूद किनारे पर पड़ा है। हमें तत्काल 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की आवश्यकता है।"

उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई के मुद्दे को लेकर भी कटाक्ष किया और कहा कि यह आम आदमी के लिए खतरनाक हो रहा है, विशेषकर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए।

आगे, उन्होंने चंपावत मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की और कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। यदि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की अनदेखी होती रही, तो महिला कांग्रेस आंदोलन को और तेज कर देगी।

Protest at Budh Park

प्रदर्शन में कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया, जिन्होंने पीड़ित परिवार की सुरक्षा की गारंटी देने और टेढे़ मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग की। चंपावत मामले ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है, और यह स्पष्ट किया है कि महिलाएँ नरम नहीं पड़ेंगी।

महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल

महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने भी अपनी आवाज उठाते हुए कहा कि "उत्तराखंड में बेटियों की सुरक्षा खतरे में है। मद्दाताओं का हौसला इतना बढ़ गया है कि बेटियाँ अपने घर से बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं।"

डॉ. गोगी ने कहा कि सत्ता से जुड़े व्यक्तियों का नाम ही इस तरह के अपराधों में सामने आना भाजपा सरकार की नैतिक विफलता का संकेत है। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पर केवल बातें करने से कुछ नहीं होगा, ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

महिला कांग्रेस ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने पीड़ितों के अधिकारों की अनदेखी की तो यह प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर आंदोलन की लहर पैदा कर सकती है।

सिर पर सियासत का बोझ

बीते पांच मई को चंपावत में हुए सामूहिक दुराचार मामले के संदर्भ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना ने पुलिस के पदाधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी भाजपा से संबंधित हैं, और यह साजिश का हिस्सा है।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी इस प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में भाजपा के नेताओं का हमेशा नाम जुड़ा रहता है। यह न केवल शर्मनाक है बल्कि हमारे समाज के लिए एक चिंता की बात भी है।"

रौतेला ने यह भी पूछा कि यदि दुष्कर्म की घटना पूरी तरह फर्जी थी, तो पुलिस बेहद जल्दी कैसे निष्कर्ष पर पहुंच गई? क्या इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से की जाएगी?

यही नहीं, रौतेला ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता की बात की कि जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए समस्त घटनाक्रम की समयसीमा सांझा की जाए। उत्तराखंड में अपराध की स्थिति चिंताजनक है, और सरकार को इसे तुरंत संबोधित करना चाहिए।

इस सारे घटनाक्रम के बीच, यह स्पष्ट है कि महिला संगठनों एवं विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी मांगे निश्चित रूप से प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करेंगी।

तो देखते हैं आगामी दिनों में क्या होता है और क्या सच में सरकार इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाएगी।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट The Odd Naari पर जाएं।

सादर,
टीम द ओड नारी
श्रीमती नंदनी शर्मा

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