मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मठ प्रशासन का अनुभव उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक

नई दिल्ली,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई की वार्षिक बिजनेस समिट-2026 में उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिवर्तन की विस्तृत तस्वीर पेश करते हुए कहा कि हमने अभी तक नींव को पुख्ता किया है, पिछली सरकारों के पाप के गड्ढों को भरा है। अब डबल इंजन की सरकार […]

May 12, 2026 - 00:38
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मठ प्रशासन का अनुभव उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मठ प्रशासन का अनुभव उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मठ प्रशासन का अनुभव उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक

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नई दिल्ली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई की वार्षिक बिजनेस समिट-2026 में उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिवर्तन की विस्तृत तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि हमने अभी तक नींव को पुख्ता किया है और पिछली सरकारों के पाप के गड्ढों को भरा है। अब डबल इंजन की सरकार को बुलेट ट्रेन की स्पीड से आगे बढ़ाने का समय आ गया है।

कम शब्दों में कहें तो, योगी आदित्यनाथ ने अपने द्वारा चलाए गए प्रशासन में मठ के प्रबंधन से सीखा हुआ अनुभव साझा किया है, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी गई है। और जानें

आर्थिक प्रगति के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

योगी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति उसकी मैन्युफैक्चरिंग शक्ति पर निर्भर करती है। उद्योग और उद्यमिता को मजबूत करने से रोजगार, निवेश और समृद्धि में वृद्धि होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के समय में कोई भी देश अपने उद्यमियों की उपेक्षा नहीं कर सकता।

सीआईआई समिट में सीएम योगी

भारत की सामरिक शक्ति

सीएम योगी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज का दिन महत्वपूर्ण है। आज ही के दिन 75 वर्ष पहले प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव की पुनर्प्रतिष्ठा की गई थी और परमाणु परीक्षण ‘ऑपरेशन शक्ति’ का प्रदर्शन भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उनके पास शक्ति और सामर्थ्य होगा, वही मानवता व कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकेगा।

उत्तर प्रदेश की पहचान में सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान संकट में थी। यहां कानून व्यवस्था इतनी खराब थी कि हर वर्ष 300 से अधिक दंगे होते थे और उद्यमी पलायन कर जाते थे। इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

मठ के प्रबंधन से मिली सीख

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जब उन्होंने 2017 में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी ली, तो उनके पास प्रशासनिक अनुभव नहीं था। उन्होंने मठ के प्रबंधन से जो अनुशासन सीखा था, उसे प्रदेश प्रशासन में लागू किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के वातावरण को स्थापित करना उनकी पहली प्राथमिकताओं में से एक था।

सुरक्षा का वातावरण

सीएम योगी ने प्रयागराज के एक उदाहरण को साझा करते हुए बताया कि पहले माफिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के काफिले को भी रोक दिया था। लेकिन अब उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कैराना का उदाहरण देते हुए बताया कि सख्त कार्रवाई के बाद पलायन करने वाले परिवार लौट रहे हैं।

उद्योगों के लिए सुरक्षा और कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों की सुरक्षा और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए विशेष काम किए हैं। एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए लैंड बैंक तैयार किया गया है और राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित की जा रही है। आगे उन्होंने बताया कि 2018 में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना जबर्दस्त सफलता पा रही है।

सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में आए 156 करोड़ पर्यटकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर सीआईआई के अध्यक्ष और अन्य कई उद्योगपति मौजूद थे, जो उत्तर प्रदेश के विकास में सरकार के प्रयासों की सराहना कर रहे थे।

यह प्रदर्शित करता है कि उत्तर प्रदेश ने बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर अब देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनने का संकल्प लिया है।

टीम द ओड नारी

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