कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की विजय शंखनाद रैली: केंद्र-राज्य सरकारों को चुनौती
HALDWANI: उत्तराखंड में 10 साल से सत्ता से बाहर बैठी कांग्रेस अब वापसी की राह देख रही है। इसके लिए कांग्रेस ने अपने स्टार नेताओं के ताबड़तोड़ कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। इसी कडीमें हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया। खड़गे ने लोगों से […] The post कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने विजय शंखनाद रैली को किया संबोधित, केंद्र-राज्य सरकारों पर साध निशाना appeared first on Devbhoomi Dialogue.
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने विजय शंखनाद रैली को किया संबोधित, केंद्र-राज्य सरकारों पर साध निशाना
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विजय शंखनाद रैली के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर कड़ी आलोचना की है।
हल्द्वानी: उत्तराखंड में पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर बैठी कांग्रेस पार्टी अब वापसी के प्रयास शुरू कर चुकी है। इसके लिए कांग्रेस ने अपने प्रमुख नेताओं की ताबड़तोड़ रैलियों का आयोजन किया है। इसी कड़ी में, मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया। इस रैली के माध्यम से खड़गे ने लोगों को आश्वस्त किया कि इस बार सत्ता परिवर्तन की शुरुआत उत्तराखंड से होगी।
खड़गे ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उत्तराखंड को 'देवभूमि' और 'वीरों की भूमि' के रूप में वर्णित किया और कहा कि वह इस पावन भूमि को नमन करते हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले स्थानीय वीरों का उल्लेख करते हुए गर्व से कहा कि इस धरती से निकले सपूतों ने हमारे राष्ट्र की रक्षा की है।
खड़गे ने आगे कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि महात्मा गांधी ने 8 अगस्त 1942 को 'अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन' की शुरुआत की थी, और इसी दिन कांग्रेस भी अपने नए अभियान की शुरुआत कर रही है।
उन्होंने शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि भारत का शिक्षा और रोजगार प्रणाली बुरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य 2025 तक 50% छात्रों को वोकेशनल शिक्षा से जोड़ना था, लेकिन अब तक केवल 2% ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर सका है। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार की नीतियाँ बड़े उद्योग समूहों को समर्थन दे रही हैं जबकि आम नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं।
खड़गे ने यह भी कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएँ आम हो चुकी हैं और नौकरियाँ बिकने लगी हैं। भर्ती माफिया ने इस उद्योग का रूप ले लिया है, जिससे केवल पैसे और राजनीतिक कनेक्शन वाले लोग ही नौकरी प्राप्त कर पा रहे हैं। उन्होंने संसद में पेपर लीक के खिलाफ उठी आवाज़ों का समर्थन किया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले दिनों युवाओं के साथ बर्बरता की है।
दिनभर रहा राजनीतिक माहौल गरमागरम
रैली से पहले, हल्द्वानी का माहौल गर्म था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने एसएसपी दफ्तर पर धरना दिया और आरोप लगाया कि उन्हें रैली में आने से रोका जा रहा है। पुलिस के द्वारा उनकी चेकिंग और परेशान करने का कार्य किया जा रहा था, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया था।
इस रैली के माध्यम से कांग्रेस ने न केवल उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक वापसी का संकल्प लिया है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को भी बुलंद किया है। इस प्रकार, मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर से यह संकेत दिया है कि कांग्रेस आने वाले चुनावों में अपने प्रभाव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा, कांग्रेस की सटीक रणनीतियों के द्वारा यदि वे जनता के मुद्दों को सही ढंग से उठाते हैं, तो संभव है कि वे आगामी चुनावों में सफलता प्राप्त कर सकें।
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सादर, टीम द ओड नारी, सुमन शर्मा
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