महिलाओं की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न: वार्षिकोत्सव 2026 में गरिमामय कार्यक्रम
नई दिल्ली : नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण केंद्र का वार्षिकोत्सव अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथि महोदया, प्रिंसिपल महोदय एवं शिक्षक प्रभारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने पूरे वातावरण को ज्ञान, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा […]
महिलाओं की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न: वार्षिकोत्सव 2026 में गरिमामय कार्यक्रम
नई दिल्ली: नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण केंद्र का वार्षिकोत्सव उत्कृष्टता, गरिमा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस भव्य कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें माननीय अतिथि महोदया, प्राचार्य महोदय एवं शिक्षकों की टीम ने भाग लिया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने पूरे माहौल को शिक्षा, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।
इस सम्मानजनक अवसर पर मुख्य अतिथि सकल भट्ट जी का महाविद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर, अतिथि सकल भट्ट, शिक्षिका पुनीता अग्रवाल, तथा दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की कोषाध्यक्ष आकांक्षा खुराना और तेज नारायण ओझा जी ने महाविद्यालय की द्विभाषिक पत्रिका "अग्रजा" के चौथे अंक का विमोचन किया, जिसने इस समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
इसके बाद, शिक्षिका पुनीता अग्रवाल जी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए पूरे सत्र में आयोजित शैक्षणिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सह-शैक्षणिक आयोजनों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बी.ए. की छात्राओं ने 94% और बी.कॉम की छात्राओं ने 92% परीक्षा परिणाम प्राप्त कर महाविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा को और ऊँचाई दी है। अपने संबोधन में 10 मई को 'मातृशक्ति दिवस' की शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने छात्रों की सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों की मेहनत की सराहना की।
डी.डी. इंडिया की वरिष्ठ सलाहकार संपादक श्रीमती सकल भट्ट जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन, करियर और आत्मनिर्भरता के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन, और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजीव तिवारी जी ने भी छात्राओं को अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया और छात्राओं की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षक-प्रभारी और सभी शिक्षकों को बधाई दी।
वरिष्ठ शिक्षक तेज सिंह ओझा जी ने भी भारत के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन 1857 के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।
वार्षिकोत्सव पुरस्कार वितरण समारोह में शैक्षणिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, विभिन्न गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे आत्मविश्वास और उत्साह से दमक उठे।
अंत में, विश्वविद्यालय कुलगीत और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन ने समारोह के अद्भुत वातावरण को भावपूर्ण और गरिमामय बना दिया। इस समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम की सफलता में महाविद्यालय परिवार, शिक्षकों, नॉन-टीचिंग स्टाफ और छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कम शब्दों में कहें तो, यह वार्षिकोत्सव न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान था, बल्कि यह उन सभी महिलाओं के प्रति एक सम्मान था जो शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
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