हर्रावाला में ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को बंदी बनाने की घटना: रिश्वत मांगने के आरोपों का हाईवोल्टेज ड्रामा
देहरादून। राजधानी देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र से परिवहन विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ट्रैवल कारोबारी ने परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर को अपने ऑफिस में शटर बंद कर करीब एक घंटे तक कथित रूप से कैद कर लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मामला […] The post बड़ी खबर: रिश्वत मांगने के आरोप में ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को घंटों ऑफिस में रखा बंद। हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा appeared first on Uttarakhand Broadcast.
हर्रावाला में ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को बंदी बनाने की घटना: रिश्वत मांगने के आरोपों का हाईवोल्टेज ड्रामा
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में एक ट्रैवल कारोबारी द्वारा परिवहन अधिकारियों के खिलाफ उठाए गए गंभीर आरोपों ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
देहरादून। राजधानी देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहाँ एक ट्रैवल कारोबारी ने आरोप लगाया है कि परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर ने उनसे हर महीने आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगते थे। इस पर नाराज व्यापारी ने इंस्पेक्टर को अपने ऑफिस में शटर बंद कर करीब एक घंटे तक बंदी बनाया। घटना ने न केवल इलाके में हड़कंप मचाया बल्कि यह भी सोशल मीडिया पर चर्चाओं का विषय बन गई।
ट्रैवल कारोबारी का आरोप- हर महीने मांगे जाते थे 8 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार, हर्रावाला चौकी क्षेत्र में एक ट्रैवल व्यवसायी ने हाल ही में मीडिया को बताया कि परिवहन विभाग का संबंधित इंस्पेक्टर उनसे हर महीने 8 हजार रुपये की रिश्वत की मांग करता था। यह आरोप सुनकर स्थानीय लोग भी दंग रह गए हैं, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब परिवहन विभाग पर ऐसे आरोप लगाए गए हैं।
व्यवसायी का दावा है कि वह लंबे समय से इस वसूली के दबाव में थे और अंततः उन्होंने इंस्पेक्टर को ऑफिस में बंद कर दिया, ताकि मामले को जनहित में उजागर किया जा सके। शटर बंद होने के कारण इंस्पेक्टर को एक घंटे तक ऑफिस के अंदर रहना पड़ा। इस चौंकाने वाली घटना ने न केवल सरकारी एंजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया बल्कि क्षेत्र के नागरिकों के बीच चर्चा का भी विषय बन गया है।
इंस्पेक्टर बोले- मैं तो रस मलाई खाने गया था
वहीं दूसरी ओर, परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि वह किसी वसूली के लिए नहीं गए थे, बल्कि वहां लघु शौच के लिए रुके थे। उनका यह भी कहना है कि ट्रैवल कारोबारी ने उन्हें अंदर बुलाकर रस मलाई खाने के लिए कहा था।
इंस्पेक्टर ने कहा कि जब वह रस मलाई खा रहे थे तभी कारोबारी ने अचानक ऑफिस का शटर बाहर से बंद कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि व्यवसायी क्यों उन्हें बंद कर रहा है, जबकि वे पहले से एक-दूसरे को जानते थे।
मामले ने पकड़ा तूल, जांच की चर्चा तेज
इस घटना के बाद परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या भ्रष्टाचार का यह मामला वास्तव में उजागर होगा? फिलहाल, मामले की किसी भी आधिकारिक जांच या मुकदमे की पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मामला
देहरादून का यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। उपयोगकर्ता परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और ट्रैवल कारोबारियों पर कथित दबाव के बारे में सवाल उठा रहे हैं। साथ ही कुछ लोग सरकारी अधिकारियों को बंधक बनाने जैसी घटना को कानून व्यवस्था के लिए गंभीर मानते हैं।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। नागरिकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सरकारी व्यवस्था में सुधार लाने का रास्ता खोल सकती हैं।
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—टीम द ओड नारी
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