उत्तराखंड में एसआईआर तैयारी तेजी से आगे बढ़ी, राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक
SIR in Uttarakhand : उत्तराखंड में एसआईआर की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संभावित घोषणा से पहले दिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में […]
उत्तराखंड में एसआईआर तैयारियां तेजी से आगे बढ़ी, राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण बैठकें की हैं।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने की, जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूचित किया गया कि चुनावी प्रक्रिया को निर्बाध और पारदर्शी बनाने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।
एसआईआर की तैयारियों की स्थिति
उत्तराखंड में एसआईआर की तैयारियों के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां चल रही हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, और मृत मतदाताओं की सूची के साथ-साथ नए मतदाताओं के लिए प्रारूप-9, 10, 11, 11क एवं 11ख का वितरण किया गया।
प्री-रिवीजन गतिविधियों के संदर्भ में 2003 की निर्वाचक नामावली के मतदाताओं को वर्तमान नामावली से 81 प्रतिशत मैपिंग कार्य के तहत बीएलओ एप के माध्यम से अपडेट किया गया है, जो कि 24 अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
मतदेय स्थलों की पहचान
उत्तराखंड के सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1882 मतदेय स्थलों की पहचान की गई है, जहां आगामी पुनरीक्षण कार्य होगा। इनमें से चकराता में 237, विकासनगर में 142, सहसपुर में 212, धर्मपुर में 236, रायपुर में 214, राजपुर में 141, देहरादून कैंट में 152, मसूरी में 178, डोईवाला में 191 और ऋषिकेश में 179 मतदेय स्थल शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने मतदान की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 164 नए मतदेय स्थलों का प्रस्ताव भी तैयार किया है, जो कि चुनावी प्रक्रिया को और भी सुलभ बनाएगा।

राजनीतिक दलों से बीएलए तैनात करने का आह्वान
बैठक में उपस्थित उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे प्रत्येक बूथ पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति करें ताकि पुनरीक्षण कार्य पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ संपन्न हो सके।
इसके अलावा, निर्वाचन आयोग ने “बुक ए कॉल विद बीएलओ” की सुविधा लागू की है, जिससे मतदाता सीधे अपने बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर निर्वाचन संबंधी शिकायतें भी दर्ज कराई जा सकती हैं।
एक्सट्रा वैल्यू: इस बैठक का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से सही और विश्वसनीय डेटा संकलन संभव हो सकेगा। इसके साथ ही, मतदाताओं को स्पष्ट दिशा-निर्देश की उपलब्धता से उनकी सटीक चुनावी जानकारी हासिल होगी।
अंत में, विधानसभा चुनावों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है, और निर्वाचन आयोग सभी कदम उठा रहा है ताकि चुनाव प्रक्रिया सही दिशा में चले। सभी राजनीतिक दलों को भी इस दिशा में सहयोग करना चाहिए जिससे एक सफल और निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सके।
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सादर,
टीम द ओड नारी
साक्षी मेहरा
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