नीति, दृढ़संकल्प व करिश्माई नेतृत्व के दम पर राजनीति के शिखर पर भारतीय जनता पार्टी
"सबका साथ, सबका विकास" की विचारधारा से ओतप्रोत हो सशक्त, सुदृढ़, समृद्ध, समर्थ, स्वावलम्बी एवं विश्वगुरु भारत के निर्माण के लिए पूरी निष्ठा व ईमानदारी से समर्पित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 6 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ स्थापना दिवस मना रही है, भाजपा के प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा जिले, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन की श्रृंखलाएं चलाई जा रही है, विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भाजपा की विचारधारा व केंद्र व भाजपा शासित राज्य सरकारों की नीतियों को लेकर के अधिक से अधिक लोगों के पास कैसे पहुंचा जाएं, देश व प्रदेशों का भाजपा नेतृत्व इसकी रणनीति निरंतर बना रहा है। वह अब भी यह देखकर संतुष्ट नहीं हैं कि उसने केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर के इतिहास रचने का कार्य कर दिया है, आज भी भाजपा के नेता व कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से पार्टी को ओर मजबूत करने में दिन-रात लगें हुए हैं, जो भाजपा संगठन की एक बहुत ही बड़ी खूबी है और उसको अन्य पार्टियों से अलग बनाती है।देश की आज़ादी के बाद कभी डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी, प्रोफेसर बलराज मधोक व पंडित दीनदयाल उपाध्याय के कुशल मार्गदर्शन में शून्य से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाली जनसंघ से लेकर के जनता पार्टी तक का सफ़र करते हुए भाजपा की स्थापना और फिर उसको देश व दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनाने तक के कठिन सफ़र में भाजपा के लाखों करोड़ों निस्वार्थ भाव से लगे हुए संगठन शिल्पी नेताओं व कार्यकर्ताओं का बहुत ही अहम अनमोल योगदान रहा है, उन लोगों की त्याग, तपस्या, लगन, मेहनत, बलिदान से भाजपा आज इस मुकाम पर खड़ी है। भाजपा के कार्यकर्ताओं की इस मेहनत के इतिहास से भारत की राजनीति में रुचि रखने वाले लोगों को रूबरू अवश्य होना चाहिए। अस्सी के दशक में जनता पार्टी से अलग होकर के किस तरह से अटल बिहारी वाजपेयी व उनके अन्य सहयोगियों ने भारतीय जनता पार्टी का देश में विस्तार करने का एक सपना देखा था और उस सपने को उन सभी ने मिलकर के धरातल पर साकार करते हुए केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार का गठन करने वाले अहम मुकाम तक पहुंचाने का कार्य बखूबी से किया था।इसे भी पढ़ें: भारतीय संसद में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पारित होने के सियासी मायने को ऐसे समझिएवहीं इस सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी ने आगे बढ़ाते हुए केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर देश में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों का एक-एक करके स्थाई समाधान करते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करना निरंतर जारी रखा हुआ है। भाजपा दशकों के बाद आज भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित "एकात्म-मानवदर्शन" को अपने वैचारिक दर्शन के सिद्धांतों पर पूरी तरह से अमल करती है। भाजपा का हमेशा अंत्योदय, सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, विकास एवं सुरक्षा पर भी विशेष जोर रहा है, जो देश व समाज के हित में पूरी तरह से उचित है। भाजपा ने पांच प्रमुख सिद्धांतों के प्रति भी अपनी निष्ठा व्यक्त की, पांच सिद्धांत राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय अखंडता, लोकतंत्र, सकारात्मक पंथ-निरपेक्षता, गांधीवादी समाजवाद तथा मूल्य आधारित राजनीति करना हैं।अपने सिद्धांतों के चलते ही स्थापना के समय से ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि उसके पास पार्टी व देशभक्ति की विचारधारा से ओतप्रोत राजनेताओं की एक लंबी जमात हमेशा रही है। पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, के. जना कृष्णामूर्ति, एम वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह, जेपी नड्डा के कार्यकाल का दौर निकट से देखा है और अटल बिहारी वाजपेयी व नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते हुए भी देखा है, सभी का "राष्ट्र प्रथम" का ही उद्देश्य मुख्य रहा है। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक भी भाजपा को कभी किसी एक परिवार व व्यक्ति की बपौती नहीं बनने दिया है, पार्टी में आज भी आंतरिक लोकतंत्र जिंदा है। देश व दुनिया में भाजपा की पहचान एक ऐसे राष्ट्रवादी राजनैतिक दल के रूप होती है, जिसका ध्येय देश में सुशासन, विकास, एकता एवं अखंडता के लिए कार्य करना है।भाजपा ने एक राजनैतिक दल के रूप में शुरुआत से लेकर के आज तक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एवं जनहित के मुद्दों को बहुत ही दमदार ढंग से उठाते हुए, देश के आम जनमानस के बीच बेहद ही कम समय में अपनी एक सशक्त पहचान बनाने का कार्य किया है। साथ ही बीतते हुए समय के साथ भाजपा के कर्ताधर्ताओं ने अपनी चाणक्य नीति व कुशल-कारगर ठोस रणनीति के दम पर देश की राजनीति व लोकतंत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करते हुए बहुत सारे राज्यों व केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बना कर देश की राजनीति को नए आयाम देने का कार्य करते हुए, देश के आम जनमानस के दिलो-दिमाग पर छा जाने का कार्य बखूबी किया है।भारत के राजनैतिक इतिहास को देखें तो यह स्पष्ट रूप से नज़र आता है कि वर्ष 2014 से देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी का स्वर्णिम काल का दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व के दम पर भारतीय जनता पार्टी ने ना केवल तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर कब्जा जमाने का काम किया है, बल्कि भाजपा के नाम देश व दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का कीर्तिमान भी दर्ज हो गया है, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा लगभग 11 करोड़ से अधिक सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बन गई है। भाजपा आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व अमित शाह की जोड़ी के करिश्माई नेतृत्व में आज एक ऐसा बेहद विशाल वट वृक्ष बन गई है, जिस पर भरोसा करते हुए देश की लगभग 50 से 60 फीसदी के करीब आबादी सकून से जीवन यापन कर रही है।नरेन्द्र म

नीति, दृढ़संकल्प व करिश्माई नेतृत्व के दम पर राजनीति के शिखर पर भारतीय जनता पार्टी
The Odd Naari
लेखक: सुषमा वर्मा, टीम नेटानागरी
परिचय
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने राजनीतिक सफर में कई ऊँचाइयाँ छुई हैं। इसकी सफलता का राज नीति, दृढ़संकल्प और करिश्माई नेतृत्व में निहित है। 1980 में स्थापित हुई भाजपा ने एकल दलीय शासन से लेकर अब तक अपने कदम मजबूत किये हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे भाजपा ने अपने धर्म, नैतिकता और कर्तव्य के प्रति अपनी निष्ठा के साथ भारतीय राजनीति में एक नया मानक स्थापित किया है।
नीति और दृष्टिकोण
भाजपा ने राजनीति में एक स्पष्ट विचारधारा को स्थापित किया है। पार्टी की नीतियाँ सामाजिक एकता, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केन्द्रित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भाजपा ने 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा दिया, जो भारतीय समाज के हर वर्ग के लिए समर्पित है। ये नीतियाँ ना केवल चुनावी सफलता का आधार बनी, बल्कि देश के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुईं।
दृढ़ संकल्प का महत्व
भाजपा के लिए दृढ़ संकल्प एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। पार्टी ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनमें नये कृषि कानूनों का लागू करना, अनुच्छेद 370 का हटाना और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। यह सभी निर्णय न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि देश के नागरिकों के लिए भी बड़े बदलाव लाने वाले साबित हुए हैं।
करिश्माई नेतृत्व
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की बात करें तो नरेन्द्र मोदी का नाम जरूर आता है। उनकी करिश्माई व्यक्तित्व और विचारशील नेतृत्व ने पार्टी को न केवल चुनावी जीत दिलाई, बल्कि भारतीय राजनीति में भी उन्हें एक विश्वसनीय नेता बना दिया। मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अभियान चलाए, जैसे स्वच्छ भारत और डिजिटल इंडिया, जो देश के विकास के लिए आवश्यक माने गए।
भारतीय राजनीति में स्थान
भाजपा ने लगातार अपनी स्थिति को मजबूत किया है। 2014 और 2019 के आम चुनावों में जबरदस्त जीत ने पार्टी को भाजपा को केंद्र में लाने का मौका दिया। उनके विकास के लक्ष्य और नीतियों पर लोगों ने विश्वास जताया, जिससे पार्टी को जन समर्थन मिला। भाजपा ने राजनीतिक विद्वेष को मात देकर एक सशक्त और राष्ट्रीय पार्टी का रूप धारण किया है।
निष्कर्ष
राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी जरूरतों, नीति और दृढ़ संकल्प के कारण जो परिवर्तन लाए हैं, वे चर्चा का विषय हैं। भाजपा ने साबित किया है कि एक सशक्त नेतृत्व, स्पष्ट विचारधारा और दृढ़ निश्चय के दम पर किसी भी राजनीतिक स्थिति को बदला जा सकता है। इस पार्टी के अनुभवों से सीखने वाले कई युवा राजनेता आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा की यह यात्रा राजनीति के शिखर पर एक अद्वितीय उदाहरण बनी रहेगी।