जोहड़ी वन भूमि पर गलत कब्जे के मामले में विद्युत अधिकारी और अतिक्रमणकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मसूरी/देहरादून | मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत जोहड़ी जिला देहरादून में स्थित निजी भूमि पर बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्य पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामी द्वारा अपनी भूमि पर झाड़ी के […] The post एक्शन : जोहड़ी वन भूमि पर कब्जा करने को लेकर विद्युत अधिकारी और अतिक्रमणकारी पर मुकदमा दर्ज appeared first on Uttarakhand Broadcast.
कम शब्दों में कहें तो, मसूरी वन प्रभाग में जोहड़ी के मामले में विद्युत विभाग और अतिक्रमणकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई वन विभाग की ओर से अवैध निर्माण कार्य को रोकने के लिए की गई है।
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मसूरी/देहरादून | मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत जोहड़ी, जिला देहरादून में एक निजी भूमि पर बिना अनुमति के चल रहे निर्माण कार्य पर वन विभाग ने कठोर कदम उठाते हुए कार्य को तुरंत रोक दिया है। यह कार्रवाई इस बात की पुष्टि करती है कि वन विभाग अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।
भूमि पर चल रहे निर्माण की स्थिति
वन विभाग के द्वारा जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित भूमि स्वामी ने भूमि पर झाड़ियों के कटान और चारदीवारी/तारबाड़ निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन पर राजस्व विभाग के साथ निरीक्षण भी किया गया था। जब निरीक्षण किया गया, तब यह पाया गया कि:
- भूमि के चारों ओर घना वन क्षेत्र उपस्थित है।
- इस क्षेत्र में साल के पेड़ और अन्य वन प्रजातियां भी पाई गई हैं।
- संबंधित भूमि संरक्षित वन क्षेत्र में आती है, जो मालसी कंपार्टमेंट नंबर 1 की सीमा के अंतर्गत आती है।
वन विभाग ने कहा है कि इस प्रकार की भूमि पर वन संरक्षण अधिनियम, 1980 लागू होता है, जिसमें बिना भारत सरकार की पूर्व अनुमति के किसी भी गैर-वन कार्य को प्रतिबंधित किया गया है।
विद्युत विभाग का अवैध कार्य
3 अप्रैल 2026 को यह सूचना प्राप्त हुई कि:
- उक्त भूमि पर बिजली विभाग द्वारा बिना अनुमति विद्युत लाइन का कार्य किया जा रहा था।
- साथ ही, संबंधित व्यक्ति द्वारा तारबाड़ निर्माण भी किया जा रहा था।
इस सूचना के आधार पर, वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर पहुंचकर अवैध कार्य को रोक दिया।
कानूनी कार्रवाइयों का क्रम
बिना अनुमति के कार्य करने की वजह से बिजली विभाग (राजपुर शाखा) के अवर अभियंता और अभिषेक वैश्य के खिलाफ Indian Forest Act 1927 और वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत केस दर्ज किया गया है।
साथ ही, पूरे मामले की रिपोर्ट शासन और उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। क्षेत्रीय वन अधिकारी को निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।
हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन
प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित भूमि से जुड़े कुछ हिस्सों पर उच्च न्यायालय नैनीताल में रिट याचिका संख्या 1093/2022 विचाराधीन है। इस कारण से विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से मॉनिटर कर रहा है।
वन विभाग की स्पष्ट चेतावनी
वन विभाग ने दोहराया है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या गतिविधि करना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएफओ मसूरी ने कहा कि विद्युत विभाग के जेई और एक अन्य के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर लिया गया है। यदि भविष्य में कोई भी बिना उचित अनुमति के इसी प्रकार के कार्य करने की कोशिश करेगा, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित क्षेत्र के वन क्षेत्र अधिकारी को भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले से यह सिद्ध होता है कि वन प्रबंधन को लेकर सरकारी विभाग कितने गंभीर हैं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ उनके द्वारा उठाए गए कदम कितने प्रभावी हैं।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: The Odd Naari
सामग्री की विशेषताएँ और विशालता को देखते हुए यह मामला न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के मुद्दों पर लोगों की जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।
सादर,
टीम द ओड नारी, सूर्याबाला शर्मा
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