उत्तराखंड विधानसभा: महिला आरक्षण पर चर्चा में हंगामा, कार्यवाही हुई प्रभावित
देहरादून में मंगलवार को आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण का मुद्दा जोरदार तरीके से छाया रहा। Pushkar Singh Dhami की ओर से महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का भरोसा दिलाया गया, वहीं विपक्षी Indian National Congress ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए सदन में तीखा विरोध दर्ज कराया। पूरे दिन […] The post Uttarakhand Assembly : महिला आरक्षण पर सदन में संग्राम, नारेबाजी के बीच कार्यवाही ठप appeared first on Uttarakhand Broadcast.
उत्तराखंड विधानसभा: महिला आरक्षण पर चर्चा में हंगामा, कार्यवाही हुई प्रभावित
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर हुई नारेबाजी के कारण कार्यवाही ठप हो गई। यहाँ जानिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत क्या हुआ।
देहरादून में मंगलवार को आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण का मुद्दा मुख्य रूप से छाया रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में यह विश्वास दिलाया कि सरकार महिलाओं को उनके अधिकार दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने इस विषय पर सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए और सदन में गंभीर विरोध दर्ज कराया। पूरे दिन सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही को शाम छह बजे तक स्थगित करना पड़ा।
हंगामे का आलम
सत्र के दौरान स्थिति और भी जटिल हो गई जब मंत्री सौरभ बहुगुणा अपनी बात रखने लगे। अचानक कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कार्यवाही लगभग बीस मिनट तक बाधित रही। सत्ताधारी पक्ष ने इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस को महिला विरोधी करार दिया, जबकि विपक्ष ने सरकार की महिला आरक्षण लागू करने में की गई देरी पर कड़ी आपत्ति जताई।
सड़क पर प्रदर्शन
विधानसभा के बाहर भी सियासी तापमान कम नहीं था। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर कूच करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कई नेता जैसे ज्योति रौतेला को हिरासत में लिया गया, जिससे प्रदर्शन और उग्र हो गए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि महिला आरक्षण को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
नेता प्रतिपक्ष की चिंताएं
विधानसभा के भीतर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि 2023 में पारित कानून को अभी तक लागू नहीं किया गया है और यह जानबूझकर टाला जा रहा है। उनका कहना था कि जब कानून पहले ही पास हो चुका है तो इसे लागू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को अधिकार देने के बजाय केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को टाल रही है।
भाजपा की रणनीति
भाजपा ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर लगातार दबाव बनाए रखने की रणनीति अपनाई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संकेत दिया कि नगर निगमों, जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों तक निंदा प्रस्ताव लाकर कांग्रेस को घेरा जाएगा। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष ने मातृशक्ति का अपमान किया है, और पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
भविष्य की संभावनाएँ
महिला आरक्षण को लेकर चल रही यह राजनीतिक खींचतान साफ दर्शाती है कि यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाकर रखेगा। जहां सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे लागू करने की मांग को लेकर अड़ा हुआ है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह बहस कब और किस निष्कर्ष तक पहुंचती है।
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Team The Odd Naari, राधिका शर्मा
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