पौड़ी के कोट क्षेत्र में आदमखोर गुलदार का अंत: एक साहसी कार्रवाई की कहानी
The post पौड़ी के कोट क्षेत्र में आदमखोर गुलदार का खौफनाक अंत appeared first on Avikal Uttarakhand. दिनदहाड़े महिला की जान लेने के बाद मारा गया गुलदार शूटर जॉय हुकिल ने किया ढेर आक्रामक गुलदार ने वन विभाग की टीम पर भी किया हमला घास काटने गई… The post पौड़ी के कोट क्षेत्र में आदमखोर गुलदार का खौफनाक अंत appeared first on Avikal Uttarakhand.
पौड़ी के कोट क्षेत्र में आदमखोर गुलदार का अंत: एक साहसी कार्रवाई की कहानी
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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी के वाडियूं गांव में एक आदमखोर गुलदार ने एक महिला की जान ले ली, लेकिन शूटर जॉय हुकिल की साहसी कार्रवाई से उस गुलदार का अंत हो गया। इस घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था।
9 जून को, एक 55 वर्षीय महिला, प्रभा देवी, घास काटने के लिए खेतों में गई थीं, जब एक आदमखोर गुलदार ने उन पर दिनदहाड़े हमला कर दिया। यह हमला इतना आकस्मिक और हिंसक था कि वह अपनी जान नहीं बचा पाई। गुलदार ने उसे जबड़ों में दबोचकर सुनसान खंडहर में ले जाकर हमला किया।
इस भयावह घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई और स्थानीय प्रशासन की बेहद आलोचना की। घटनास्थल पर महिलाओं ने प्रशासन की मौजूदगी में अपनी बात रखी, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
पति मातबर सिंह ने जब अपनी पत्नी को देर तक घर नहीं लौटते देखा, तो उन्होंने खेतों में उनकी तलाश शुरू की। उन्हें वहां खून के धब्बे और फटे कपड़े मिले, जिससे वह चिंतित हो गए। ग्रामीणों ने मिलकर महिला की तलाश शुरू की।
खून के निशानों का पीछा करते हुए जब ग्रामीण पुराने खंडहर तक पहुंचे, तो वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था। गुलदार महिला का शव नोच रहा था। ग्रामीणों ने शोर मचाकर गुलदार को भागने पर मजबूर कर दिया, लेकिन तब तक प्रभा देवी की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने वन विभाग पर आरोप लगाया कि लंबे समय से क्षेत्र में गुलदार का आतंक था, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने तत्काल मुआवजा और कार्रवाई की मांग की।
वन विभाग ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया और शूटर जॉय हुकिल को बुलाया गया। कुछ घंटों बाद, सर्च ऑपरेशन के दौरान, गुलदार अचानक सामने आया और वन कर्मियों पर हमला कर दिया। सुनियोजित तरीके से आत्मरक्षा के तहत जॉय हुकिल ने गुलदार को मार गिराया।
जॉय हुकिल ने बताया कि गुलदार ने असामान्य रूप से आक्रामक व्यवहार किया था। यह हुकिल का 50वां शिकार था। अब पूरे क्षेत्र में घटना के बाद शोक की लहर है। ग्रामीणों का मानना है कि गांव में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही थीं। उनके अनुसार, वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
अंततः, इस घटना ने न केवल एक जीवन का अंत किया बल्कि स्थानीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं भी उत्पन्न की हैं। अब सभी इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसा फिर से न हो। ग्रामीणों ने वन विभाग से अधिक तत्परता और संवेदनशीलता की उम्मीद की है।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि मनुष्य और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता है। क्या इस दिशा में आगे बढ़ते हुए वन विभाग खतरे को समाप्त करने में सफल होगा?
इस घटना की अधिक जानकारी एवं अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं।
सादर, टीम द ओड नारी
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