गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर के गैंग का खुलासा: पुलिस का अभियान जारी

The post गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर से जुड़े ‘गैंग’ की तलाश में जुटी पुलिस appeared first on Avikal Uttarakhand. नकल माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी-धामी विपक्ष ने पेपर लीक पर तरेरी आंखे अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। पेपर लीक को लेकर देश भर में चल रहे आंदोलन के बीच… The post गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर से जुड़े ‘गैंग’ की तलाश में जुटी पुलिस appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 24, 2026 - 00:38
 106  3k
गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर के गैंग का खुलासा: पुलिस का अभियान जारी
गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर के गैंग का खुलासा: पुलिस का अभियान जारी

गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर के गैंग का खुलासा: पुलिस का अभियान जारी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की पुलिस गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता से जुड़े गैंग की खोज में जुट गई है। हाल ही में आयोजित पेपर लीक के मामले ने शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

देहरादून। उत्तराखंड में पेपर लीक के एक और गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जब दून पुलिस ने उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। वह महत्वपूर्ण प्रश्न पत्र लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो इस 'गैंग' का हिस्सा हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री का जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि नकल माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। "हमारी सरकार द्वारा लागू सख्त नकलरोधी कानून का उद्देश्य राज्य के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं को नकल के इस माहौल से बचाना है," उन्होंने कहा।

गिरफ्तारी का मामला

सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को 23 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच में यह सामने आया कि उसने विद्यार्थियों के व्हाट्सएप ग्रुपों में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि साझा किए गए प्रश्न वास्तव में परीक्षा पत्र के समान थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में अन्य शामिल व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी कार्य जारी है। "हमें संदेह है कि इस गैंग में कई और लोग शामिल हैं," उन्होंने बताया।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस पूरे प्रकरण के चलते विपक्ष ने भी अपनी आवाज उठाई है। कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने यूटीयू की परीक्षा प्रणाली को कठघरे में खड़ा किया है। उन सभी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।

इस घटना ने न केवल छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा की है, बल्कि यह भी सवाल उठाया है कि क्या उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है।

अंत में

एक बार फिर, यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उत्तराखंड सरकार की नकलरोधी नीति पर पूरी तरह से अमल करने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। सरकार की नीति और कार्यवाही से यह पता चलता है कि वह इस दिशा में गंभीर है, लेकिन अब यह देखना होगा कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

अधिक अपडेट के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें.

सादर,

टीम द ओड नारी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow