उत्तराखंड पुलिस के जवान का ऐतिहासिक इस्तीफा, छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे
रैबार डेस्क: उत्तराखंड पुलिस का एक जवान जंतर-मंतर पर छात्रों के धरने में शामिल होता है, मंच पर चढ़ता है और अपने कंधे से बैज और पट्टी निकालकर नौकरी से इस्तीफे की घोषणा कर देता है। इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल पिथौरागढ़ में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल शेर सिंह नीट […] The post पेपर लीक पर छात्रों के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचा उत्तराखंड पुलिस का जवान, मंच से दिया इस्तीफा appeared first on Devbhoomi Dialogue.
उत्तराखंड पुलिस के जवान का ऐतिहासिक इस्तीफा, छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड पुलिस के कॉन्स्टेबल शेर सिंह ने छात्रों के पेपर लीक प्रकरण के विरोध में जंतर-मंतर पर अपने कंधे से बैज और पट्टी निकालकर नौकरी से इस्तीफे की घोषणा की। इस घटना ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है।
घटना का स्वरूप
रैबार डेस्क द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल शेर सिंह ने नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की चल रही आंदोलन का समर्थन करने के लिए जंतर-मंतर का रुख किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर चढ़कर भावुकता में अपने कंधे से बैज निकालकर बताया कि वह अब इस नौकरी का हिस्सा नहीं रहना चाहते। उनका यह ऐलान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया है।
सामाजिक मीडिया पर वायरल वीडियो
वीडियो में शेर सिंह छात्रों को संबोधित करते हुए कहते हैं, “जब देश ही नहीं बचेगा तो इस नौकरी का क्या करुंगा? मैं उत्तराखंड पुलिस की नौकरी छोड़कर कॉकरोचों की रक्षा करने आया हूं।” उनका यह बयान जहां एक ओर साहसी प्रतीत होता है, वहीं दूसरी ओर यह पुलिस विभाग के लिए एक चौंकाने वाला पल है।
पुलिस विभाग में हड़कंप
आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने बताया कि कॉन्स्टेबल शेर सिंह 28 जून 2026 से बिना सूचना के ड्यूटी से गायब हैं। इस संदर्भ में उन्हें नोटिस भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके कारण 20 जुलाई को पहले ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।
कानूनी पृष्ठभूमि
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, शेर सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह कुख्यात भू माफिया प्रवीण माफिया के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा करने के आरोप में हरिद्वार में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन्हें 15 मई 2025 को गिरफ्तार भी किया गया था और वे जमानत पर हैं। इस मामले में उनके खिलाफ डिसमिसल की कार्रवाई भी चल रही है।
निष्कर्ष
इस घटना ने केवल पुलिस विभाग की स्थिति को ही नहीं, बल्कि समाज में पेपर लीक के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान दिया है। कॉन्स्टेबल शेर सिंह का यह कदम निश्चित रूप से बहस और चर्चा का कारण बनेगा। क्या इस तरह के कार्य से पुलिस बल की छवि प्रभावित होगी? इसका उत्तर केवल समय ही दे सकेगा।
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सादर,
टीम द ओड नारी
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