उत्तराखंड: मां के साथ शिवालय में पूजा करने गया आठ साल का बच्चा सरयू नदी में बहा

कपकोट : शिवालय में पूजा करने मां के साथ गया आठ साल का बच्चा सरयू

Jul 21, 2026 - 18:38
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उत्तराखंड: मां के साथ शिवालय में पूजा करने गया आठ साल का बच्चा सरयू नदी में बहा
उत्तराखंड: मां के साथ शिवालय में पूजा करने गया आठ साल का बच्चा सरयू नदी में बहा

उत्तराखंड: मां के साथ शिवालय में पूजा करने गया आठ साल का बच्चा सरयू नदी में बहा

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के कपकोट में एक दुखद घटना घटित हुई है, जहां एक आठ साल का बच्चा माता के साथ शिवालय में पूजा करने गया था और वह सरयू नदी में बह गया। घटना ने क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी है और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए तेजी से अभियान शुरू कर दिया है।

घटना का विवरण

कपकोट क्षेत्र में, शिवालय के पास हर साल श्रावण के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए इकट्ठा होते हैं। इसी दिन, स्थानीय निवासी कमला देवी अपने पुत्र राकेश के साथ शिवालय में पूजा करने आई थीं। पूजा के दौरान, राकेश ने पानी भरने के लिए गहरी सीढ़ियों की ओर रुख किया और सुनहरे धूप में खेलते हुए अचानक फिसल गया और सरयू नदी में गिर गया।

बचाव अभियान जारी

घटनाक्रम के तुरंत बाद ही पहले बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चा सरयू नदी में बहने लगा था, जिससे उसकी मां और अन्य लोग घबरा गए। स्थानीय लोग भी मदद के लिए आए और बचाव कार्य में शामिल हो गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत नदी के किनारे खोजी अभियान चलाया।

बागेश्वर और कपकोट क्षेत्र की टीमों ने बच्चे की तलाश में अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन पानी का तेज बहाव और अंधेरा एक बड़ा बाधा बना रहा। स्थानीय लोगों ने भी नदी के आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की, लेकिन अभी तक बच्चे का कोई पता नहीं चला है।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर के बचाव अभियान की शुरुआत की है। प्रशासन का कहना है कि वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं और परिवार की सदस्यों को मनोबल देने का प्रयास कर रहे हैं। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। कमला देवी और उनके परिवार की स्थिति को समझते हुए मदद का आश्वासन दिया गया है।

सावधानियां और विशेषताएं

इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हमारे आसपास की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। शिवालयों और जलाशयों के पास बच्चों की देखभाल में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। खासकर की पूजा-अर्चना के समय जब बड़ी संख्या में लोग आसपास होते हैं, ऐसे में सतर्कता और सावधानियां बहुत जरूरी हैं।

निष्कर्ष

इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय निवासियों बल्कि पूरे प्रदेश को गहरे सदमे में डाल दिया है। सभी की दुआ है कि राकेश जल्दी मिले। हम भी आपको इस विषय पर आगे की जानकारी देंगे।

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सादर,
टीम द ओड नारी
सोनाली शर्मा

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