हल्द्वानी में भयावह हादसा: निर्माणाधीन पानी के टैंक में दम घुटने से मां और दो बेटों की मौत
Haldwani News : हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में मंगलवार शाम एक बेहद दुखद हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। निर्माणाधीन भूमिगत पानी के टैंक के भीतर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण मां और उसके दो बेटे बेहोश हो गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तीनों को […]
हल्द्वानी में भयावह हादसा: निर्माणाधीन पानी के टैंक में दम घुटने से मां और दो बेटों की मौत
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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली। यह घटना निर्माणाधीन भूमिगत पानी के टैंक में जहरीली गैस के कारण हुई, जिससे मां और उसके दो बेटे बेहोश हो गए। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हल्द्वानी में गौलापार की कुंवरपुर न्याय पंचायत के मानपुर गांव निवासी धर्मेंद्र बिष्ट ने अपने घर के पास पानी का एक भूमिगत टैंक बनवाया था। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे, जब टैंक की शटरिंग हटाने का काम चल रहा था, धर्मेंद्र अपने काम की वजह से टैंक के अंदर उतर गए। लेकिन जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आए, तो उनके छोटे भाई खुशाल सिंह ने उन्हें देखने के लिए टैंक में उतरने का निर्णय लिया। दुर्भाग्यवश, उनके उतरते ही वह भी बेहोश हो गए।
बेटों को बचाने उतरी मां भी हुई बेहोश
जब दोनों बेटों के बाहर न आने की सूचना मां सरस्वती देवी को मिली, तो उन्होंने भी टैंक के अंदर जाने का फैसला किया। वह भी अपनी जान की परवाह किए बिना अपने बेटों को बचाने के प्रयास में टैंक में उतरी, लेकिन वहां की जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण वह भी बेहोश हो गईं।
बचाव के दौरान एक और व्यक्ति हुआ अचेत
परिजनों और आसपास के लोगों में शोर मचने पर समीपवर्ती लोग मौके पर पहुंचे। गांव के सब्जी विक्रेता भोज राम ने तीनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह टैंक में उतरे, तो वह भी बेहोश हो गए। हालांकि, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। भोज राम को बाहर निकालने पर होश आ गया, लेकिन मां और बेटों की स्थिति गंभीर बनी रही।
अस्पताल में डॉक्टरों ने तीनों को किया मृत घोषित
ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने धर्मेंद्र बिष्ट, खुशाल सिंह और उनकी मां सरस्वती देवी को मृत घोषित कर दिया। यह दुखद घटना पूरे गांव में जैसे ही फैली, लोगों ने शोक और चिंता व्यक्त की।
यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि सुरक्षा मानकों का पालन कितना महत्वपूर्ण है, खासकर निर्माण कार्यों में। यह जरूरी है कि जब भी ऐसी स्थितियां बनें, तब स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा सेवाएं तुरंत कार्रवाई करें। ऐसी घटनाएं न केवल पीड़ित परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए विनाशकारी होती हैं।
हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, इस प्रकार के हादसों में अधिक जागरूकता और सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि कोई और परिवार इस प्रकार के दुख का सामना न करे।
इस घटनाक्रम पर और अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट The Odd Naari पर जाएं।
साभार, टीम द ऑड नारी, सुषमा राठी
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