धामी कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय: जानिए महत्वपूर्ण फैसले
देहरादून | राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नीचे सभी प्रमुख फैसलों को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है: परिवहन विभाग प्रवर्तन अधिकारी के लिए वर्दी निर्धारण किया गया। 250 बसों की खरीद को कैबिनेट से अनुमोदन मिला। जीएसटी में कमी के कारण अब 100 […] The post ब्रेकिंग : पढ़िए धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले appeared first on Uttarakhand Broadcast.
देहरादून | राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कम शब्दों में कहें तो, ये फैसले राज्य के विकास और उसकी प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। निम्नलिखित में प्रमुख निर्णयों को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है:
परिवहन विभाग
- प्रवर्तन अधिकारी के लिए नई वर्दी का निर्धारण किया गया है, जो अधिकारी की पहचान को और स्पष्ट बनाएगा।
- कैबिनेट ने 250 बसों की खरीद को मंजूरी दी है, जिससे सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं सुधरेंगी।
- जीएसटी में कमी के चलते अब 100 बसों की बजाय 109 बसों की खरीद की जाएगी, जो यात्रियों के लिए राहत का कारण बनेगी।
कुंभ मेला प्रबंधन
- कुंभ मेले के सुसंगत आयोजन के लिए 1 करोड़ रुपये तक के कार्य अब मेला अधिकारी द्वारा स्वीकृत किए जा सकेंगे।
- 5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त द्वारा स्वीकृत होंगे, जिससे कार्यों की गति में तेजी आएगी।
- 5 करोड़ से अधिक के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
उद्योग विभाग
- उद्योग के लिए दरें 7 रुपये प्रति कुंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंटल कर दी गई हैं, जिससे स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा।
वित्त एवं कराधान
- आबकारी नीति के तहत अब 6% की व्यवस्था को राज्यकर विभाग द्वारा अपनाया गया है, जिससे राजस्व में वृद्धि होने की संभावना है।
- डी श्रेणी ठेकेदारों के लिए कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ की गई है, जिससे उन्हें अधिक कार्य मिल सकेंगे।
- निविदाओं में भी अब डी श्रेणी ठेकेदारों को 1.5 करोड़ तक के कार्य मिल सकेंगे।
- 1 जनवरी 2026 के पहले कार्यचार्ज कर्मियों से संबंधित कैबिनेट निर्णय पर हाईकोर्ट का स्टे कैबिनेट के संज्ञान में लाया गया।
वन विभाग
- वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे युवा भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।
- वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है, ताकि अधिक से अधिक युवा इस क्षेत्र में शामिल हो सकें।
- मधुमक्खी पालन के लिए नीति को मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय आय में वृद्धि और मानव-हाथी संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है।
- “वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष नियमावली 2026” को स्वीकृति दी गई, जो एक नई पहल है।
अल्पसंख्यक एवं शिक्षा
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया गया है, जिससे अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा होगी।
- कक्षा 1 से 8 तक संचालित 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता लेने का प्रावधान किया गया है, जिससे गुणवत्ता में सुधार होगा।
- कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी, जो शैक्षणिक मानकों को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कार्मिक विभाग
- प्रतीक्षा सूची की वैधता एक वर्ष निर्धारित की गई है, जो नियुक्ति प्रक्रिया को सरल करेगी।
- एक वर्ष के भीतर नियुक्ति मिलने पर ही प्रतीक्षा सूची वैध मानी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
शिक्षा विभाग
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता निर्धारित करने वाली नियमावली को मंजूरी दी गई है।
- शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली को स्वीकृति मिलने से शिक्षकों के लिए बेहतर कार्य वातावरण बनेगा।
- सहायक अध्यापक के 62 पदों के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि)
- हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 2023 की जेई भर्ती में दिव्यांग वर्ग के 60 पद अन्य से भरे जाने के बाद, 6 नए पद सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
उच्च शिक्षा
- मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों तक विस्तारित किया गया है, जहां स्थायी प्रिंसिपल तैनात हैं।
ये सभी निर्णय राज्य के प्रशासनिक, शैक्षिक, परिवहन, वन एवं वित्तीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण फैसले निश्चित रूप से उत्तराखंड के विकास में नई गति प्रदान करेंगे।
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सादर,
टीम द ओड Naari - नेहा शर्मा
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