दिल्ली सरकार ने पानी-सीवर आईएफसी नीति को साधारण और पारदर्शी बनाया: सीएम रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणा

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने आम नागरिकों, आवासीय परिवारों, संस्थानों और उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए पानी और सीवर संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेज (आईएफसी) की व्यवस्था को तर्कसंगत और जनहितकारी बनाने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम […]

May 22, 2026 - 18:38
 133  10.8k
दिल्ली सरकार ने पानी-सीवर आईएफसी नीति को साधारण और पारदर्शी बनाया: सीएम रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणा
दिल्ली सरकार ने पानी-सीवर आईएफसी नीति को साधारण और पारदर्शी बनाया: सीएम रेखा गुप्ता की बड़ी घोषणा

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने पानी और सीवर संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेज (आईएफसी) को तर्कसंगत करने और आम नागरिकों को राहत देने की घोषणा की है। अब चार्जेज का निर्धारण वास्तविक जल मांग के आधार पर होगा।

नई दिल्ली: शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पानी और सीवर संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेज की (आईएफसी) व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस नई नीति का उद्देश्य आम नागरिकों, आवासीय परिवारों, संस्थानों और उद्योगों को राहत प्रदान करना है। यह व्यवस्था अब पहले से ज्यादा पारदर्शी और सरल होगी, जिससे लोगों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ में कमी आएगी।

पारदर्शिता का नया युग

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब पानी और सीवर के चार्ज का निर्धारण भवन के कुल क्षेत्रफल के बजाय वास्तव में आवास के लिए आवश्यक जल की मांग के आधार पर होगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि विकास भी प्रोत्साहित होगा। महत्वपूर्ण रूप से, आईएफसी केवल नई निर्माण परियोजनाओं या संपत्तियों में अतिरिक्त निर्माण पर लागू होगा। पुनर्विकास परियोजनाओं में जहां पानी की मांग नहीं बढ़ती, उन्हें चार्ज से छूट मिलेगी।

दिल्ली सरकार का यह निर्णय निरंतर विकास रुख को दर्शाता है। योजना में गैर-एफएआर और खुली जगहों को आईएफसी की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। यह कदम जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन देगा।

विशेष छूटों की व्यवस्था

इस नई आईएफसी नीति के तहत, विभिन्न श्रेणियों की कॉलोनियों को विशेष राहत दी जाएगी। जैसे कि ई और एफ श्रेणी की कॉलोनियों में आईएफसी पर 50% छूट, जबकि जी और एच श्रेणी की कॉलोनियों में यह छूट 70% तक होगी। इसके साथ ही, 200 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बनी छोटी आवासीय इकाइयों, जो 50 वर्ग मीटर से छोटी हैं, को भी अतिरिक्त 50% छूट मिलेगी। यह सुनिश्चित करेगा कि मध्यम वर्ग और छोटे परिवारों को सीधा लाभ मिले।

धार्मिक स्थलों और 12AB के तहत पंजीकृत संस्थाओं को भी अतिरिक्त राहत मिलेगी, साथ ही जेडएलडी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालकों को सीवर आईएफसी में 50% तक की रियायत दी जाएगी।

सख्त मानक और प्रभावित उपाय

हालांकि, इस रियायत का लाभ तभी मिलेगा जब संबंधित संस्थान सीपीसीबी और डीपीसीसी के निर्धारित मानकों का पालन करेंगे। अगर किसी स्थान पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद या खराब पाया गया, तो दी गई छूट वापस ली जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो लोग छूट का लाभ उठाते हैं, उन्होंने नियमों का पालन किया है।

पिछली नीति की कुरीतियां

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लंबे समय से आईएफसी के कारण नागरिकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ रहा था। कई परिवारों को घर बनाने पर लाखों रुपये देने पड़ते थे, जिससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता था। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पहले वाली सरकार ने आईएफसी प्रणाली को नागरिकों के लिए राहत का स्रोत बनाने के बजाय उत्पीड़न का माध्यम बना दिया था।

जल मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था में 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए कोई चार्ज नहीं होगा, जिससे अब और भी अधिकFamilies को राहत प्राप्त होगी। अब वे महंगे शुल्कों के बजाय अधिक उचित दरों पर संयमित रूप से अपने निर्माण कार्य कर सकेंगे।

नया नियम अब यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिकों को विकास और निर्माण में अधिक पारदर्शिता के साथ सुविधा मिलेगी। वर्तमान में जहां परिवारों को 15 से 20 लाख रुपये की भरपाई के लिए मजबूर किया जाता था, वहीं अब यह राशि घटकर लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक रह जाएगी।

अब, दिल्ली सरकार एक सरल और न्यायसंगत आईएफसी प्रक्रिया लागू कर रही है, जो मूल सुविधाओं की मरम्मत और विकास के लिए अधिकतम राहत प्रदान करेगी। इस पहल के माध्यम से, सरकार का उद्देश्य ईमानदार प्रशासन, कम भ्रष्टाचार और नागरिकों के लिए अधिकतम लाभ सुनिश्चित करना है।

आने वाले समय में, हम देखेंगे कि यह नई नीति कैसे दिल्ली के विकास को आगे बढ़ाएगी और नागरिकों के जीवन को कैसे सरल बनाएगी। इसके लिए दिल्लीवासियों को अधिकतर राहत प्राप्त होगी।

इसके अतिरिक्त, अगर आप और जानकारियों की तलाश में हैं तो आप हमारी वेबसाइट पर जा सकते हैं: The Odd Naari.

आपका सहारा,

Team The Odd Naari, नेहा शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow