फेसबुक पर बिक रही थीं नामी कंपनियों की नकली दवाएं, एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा
The post फेसबुक पेज से बिक रहीं थीं ब्रांडेड कंपनियों की फर्जी दवाएं appeared first on Avikal Uttarakhand. नकली दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क के दो आरोपी गिरफ्तार रुड़की-कोटद्वार में फैक्ट्रियों पर छापेमारी अविकल उत्तराखंड देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑनलाइन माध्यम से नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले… The post फेसबुक पेज से बिक रहीं थीं ब्रांडेड कंपनियों की फर्जी दवाएं appeared first on Avikal Uttarakhand.
फेसबुक पर बिक रही थीं नामी कंपनियों की नकली दवाएं, एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में एसटीएफ ने Facebook के माध्यम से बिक रहीं ब्रांडेड दवाओं की नकली खेप का पर्दाफाश किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने हाल ही में एक बड़े ऑपरेशन "ऑपरेशन फेक पिल" के तहत ऑनलाइन माध्यम से नकली जीवनरक्षक दवाओं का कारोबार करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो फेसबूक पेज के माध्यम से धर्मार्थ कंपनियों की नकली दवाएं बेचने का काम कर रहे थे।
नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क
इस गिरोह ने विभिन्न राज्यों में नकली दवाएं बेचने के लिए सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्म का सहारा लिया था। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, "एसके हेल्थ केयर" नामक फेसबुक पेज के जरिए ये दवाएं बिक्री में थीं। इन दवाओं में Sun Pharma, Mankind, Zydus, Glenmark, Torrent और Macleods जैसी बड़ी कंपनियों के नाम का उपयोग किया गया था।
छापेमारी और गिरफ्तारी
छापेमारी की कार्रवाई रुड़की और कोटद्वार में की गई, जहां से बड़े पैमाने पर नकली दवाएं बरामद की गईं। एसटीएफ ने ग्राहक बनकर आरोपियों से दवाएं मंगवाईं और बाद में फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए। जिन नकली दवाओं का इस्तेमाल किया गया उनमें Gudcef Plus और Tydol-100 शामिल थीं।
जांच के बाद, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने संगठित अपराध, धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट, कॉपीराइट एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोपीयों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जतिन सैनी, निवासी संभल उत्तर प्रदेश और गौरव त्यागी, निवासी जीएमएस रोड देहरादून शामिल हैं। गौरव त्यागी की गिरफ्तारी का मुख्य कारण यह है कि पहले भी उसकी नकली दवा फैक्ट्री रुड़की में पकड़ी जा चुकी थी। वह वर्तमान में भगवानपुर क्षेत्र में ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाएं तैयार कर रहा था।
आवश्यक कदम और जनता से अपील
एसटीएफ और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम अब रुड़की और कोटद्वार स्थित फैक्ट्रियों में कार्रवाई कर रही है। कोटद्वार स्थित यूनिट को सीज करने की प्रक्रिया जारी है। एसटीएफ का कहना है कि गौरव त्यागी के खिलाफ पहले से ही हरिद्वार, देहरादून और महाराष्ट्र में नकली दवाओं से जुड़े तीन अन्य मुकदमें दर्ज हैं।
जनता से अपील की गई है कि बिना बिल दवाएं न खरीदें और हमेशा दवा के बैच नंबर का मिलान करें। एसटीएफ सभी से अनुरोध करता है कि अत्यधिक छूट के लालच में अज्ञात ऑनलाइन प्लेटफार्म से दवा खरीदने से बचें। नकली दवा कारोबार की सूचना एसटीएफ के हेल्पलाइन नंबर 0135-2656202 और 9412029536 पर दी जा सकती है।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी एजेंसियों को ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रखने की और दृढ़ता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।
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टीम द ओड नारी
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