दिव्यांग दंपति को मिली राहत: कर्ज माफी और रोजगार का सहारा
देहरादून । माननीय मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प के तहत जिला प्रशासन देहरादून ने एक बार फिर संवेदनशील और मानवीय प्रशासन का उदाहरण पेश किया है। आर्थिक संकट और भारी कर्ज से जूझ रहे ईस्ट पटेल नगर निवासी शत-प्रतिशत दिव्यांग संजीव कुमार और उनकी 65 प्रतिशत दिव्यांग पत्नी को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत प्रदान की […] The post दिव्यांग दंपति की फरियाद सुन पसीजा प्रशासन, कर्ज माफी के साथ मिला रोजगार का सहारा appeared first on Uttarakhand Broadcast.
दिव्यांग दंपति की फरियाद सुन पसीजा प्रशासन, कर्ज माफी के साथ मिला रोजगार का सहारा
देहरादून। माननीय मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प के तहत जिला प्रशासन देहरादून ने एक बार फिर संवेदनशीलता और मानवीयता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। ईस्ट पटेल नगर निवासी 100% दिव्यांग संजीव कुमार और उनकी 65% दिव्यांग पत्नी आज आर्थिक संकट और भारी कर्ज से जूझ रहे थे। लेकिन अब उन्हें जिला प्रशासन से बड़ी राहत मिली है।
कम शब्दों में कहें तो, जिलाधिकारी सविन बंसल ने संजीव कुमार की फरियाद सुनते हुए उनके ऋण की राशि को माफ कर दिया और उन्हें रोजगार के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की। इस संवेदनशील कदम से इस दंपति को राहत मिली है, जो कठिन परिस्थितियों में जी रहे थे।
जिलाधिकारी ने सीधे तौर पर मामले का संज्ञान लेते हुए संजीव कुमार पर बकाया 64,915 रुपये का ऋण सीएसआर फंड से जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही, परिवार को फिर से आर्थिक गतिविधियों में संलग्न करने के लिए रायफल क्लब फंड से 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
संजीव कुमार ने वर्ष 2018 में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोलने के लिए उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम से 50,000 रुपये का ऋण लिया था। आरंभ में उन्होंने कई किस्तें समय पर चुकाईं, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते उनका व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया। इस वजह से वे ऋण की शेष राशि चुकाने में असफल रहे।
इसके बावजूद, निगम की ओर से 64,915 रुपये की आरसी तहसील देहरादून भेजी गई। इस दंपति की स्थिति यह थी कि वे केवल 3,000 रुपये की पेंशन के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण उनकी तीन बेटियों की पढ़ाई भी बाधित होने लगी थी।
संजीव कुमार ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि तहसील की ओर से उन्हें जेल भेजने की चेतावनी दी जा रही थी, जिससे पूरे परिवार पर मानसिक तनाव बढ़ गया था। इस गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल राहत और सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे परिवार को कानूनी कार्रवाई से राहत मिली।
इसी प्रक्रिया में, जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास को भी निर्देशित किया कि संजीव कुमार की तीनों बेटियों को “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” के तहत शिक्षा सहायता प्रदान करने के आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके।
जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील पहल ने इस जरूरतमंद परिवार को नई उम्मीद और संबल प्रदान किया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में आए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद सहायता से वंचित न रहे।
इस प्रकार प्रशासन की यह कदम न केवल एक दंपति के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। यह सुनिश्चित करता है कि हमारे समाज में संवेदनशीलता बनी रहे और जरूरतमंदों के लिए हमेशा सहायता उपलब्ध हो।
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— टीम दOdd Naari
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