कैंसर पीड़िताओं के लिए जिला प्रशासन बना मददगार, शिक्षा और चिकित्सा में मिली राहत

The post कैंसर पीड़ित के लिए फरिश्ता बना जिला प्रशासन appeared first on Avikal Uttarakhand. बच्चों की शिक्षा और इलाज को मिला सहारा ‘नंदा-सुनंदा’ से बेटी की पढ़ाई फिर शुरू रायफल क्लब फंड से 50 हजार की आर्थिक मदद अविकल उत्तराखंड देहरादून। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन… The post कैंसर पीड़ित के लिए फरिश्ता बना जिला प्रशासन appeared first on Avikal Uttarakhand.

May 23, 2026 - 09:38
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कैंसर पीड़िताओं के लिए जिला प्रशासन बना मददगार, शिक्षा और चिकित्सा में मिली राहत
कैंसर पीड़िताओं के लिए जिला प्रशासन बना मददगार, शिक्षा और चिकित्सा में मिली राहत

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कम शब्दों में कहें तो जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल ने एक कैंसर पीड़ित महिला और उनके बच्चों के जीवन में नई रोशनी भर दी है।

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में जिला प्रशासन ने जरूरतमंद कैंसर पीड़िताओं के लिए आशा की किरण बनने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में प्रशासन ने कई परिवारों को सहायता पहुंचाई है। इस बार, डोईवाला निवासी विधवा महिला सुनीता कलवार के लिए यह सहायता प्रबंधित की गई है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं।

बच्चों की शिक्षा और इलाज को मिला सहारा

सुनीता ने जिलाधिकारी से मुलाकात करते हुए अपनी स्थिति बताई कि आर्थिक तंगी के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई और उनका इलाज दोनों जारी रखना कठिन हो रहा था। उन्होंने फीस माफी और आर्थिक मदद की मांग की, जिस पर प्रशासन ने शीघ्रता से कार्रवाई की।

‘नंदा-सुनंदा’ से बेटी की पढ़ाई फिर शुरू

जिला प्रशासन ने सुनीता को रायफल क्लब फंड से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही, उनके बेटे का स्कूल में दाखिला भी कराया गया, जबकि उनकी बेटी की रुकी हुई पढ़ाई को पुनः शुरू करने के लिए ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ योजना के तहत मदद की गई। इससे न केवल सुनीता के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ, बल्कि उन्हें एक नई दिशा मिली।

चिकित्सा और आर्थिक मदद से मिला विश्वास

सुनीता का कैंसर का ऑपरेशन 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट अस्पताल में हुआ था। वर्तमान में उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि उनके सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी समर्थन किया। कष्टदायी स्थिति में भी प्रशासन की इस पहल ने सुनीता और उनके परिवार को उम्मीद की किरण दी है।

जिला प्रशासन की संवेदनशीलता

जिला प्रशासन ने अतीत में भी अनेक जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता, चिकित्सा सहयोग, बैंक ऋण राहत, और बिजली-पानी के बकाया मामलों में सहायता दी है। ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत अनेक जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता और जनहित में कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।

सामाजिक जिम्मेदारी का उठाया गया पैराग्राफ

इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन केवल औपचारिक जिम्मेदारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं के साथ समाज के कमजोर वर्ग का सहारा बन रहा है। ऐसे प्रयासों की संख्या बढ़ाकर ही हम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

यह कहानी हमें याद दिलाती है कि किसी भी समाज का असली मापदंड उसकी मानवता और संवेदनशीलता में छिपा होता है। इसलिए, हमें भी जिला प्रशासन की इस पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाना चाहिए।

अधिक अपडेट के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट पर जाएं The Odd Naari.

सादर,
टीम द ऑड नारी
राधिका शर्मा

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