उत्तराखंड: गर्मी की चपेट में आए कुत्तों ने 72 लोगों पर किया हमला

रुड़की में गर्मी से पगलाए कुत्तों ने 72 लोगों को काटा रुड़की: शहर से लेकर

May 24, 2026 - 09:38
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उत्तराखंड: गर्मी की चपेट में आए कुत्तों ने 72 लोगों पर किया हमला
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उत्तराखंड: गर्मी की चपेट में आए कुत्तों ने 72 लोगों पर किया हमला

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कम शब्दों में कहें तो, रुड़की में गर्मी की प्रचंडता से प्रभावित कुत्तों ने 72 लोगों को काटा। ये घटनाएं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया है।

गुरुवार को उत्तराखंड के रुड़की शहर में एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई, जब गर्मी से परेशान लावारिस कुत्तों ने कुल 72 लोगों को काट लिया। घायलों में बच्चों से लेकर बड़े शामिल हैं, और सभी को सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया। यहां, उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई। मध्यम आयु के एक युवक को कुत्ते के काटने के कारण हाथ में गहरी चोटें आईं, जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

भीषण गर्मी का प्रभाव

रुड़की में तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी ने सभी जीवों पर प्रभाव डाला है। लावारिस कुत्ते, जो आमतौर पर शांत रहते हैं, अब अधिक आक्रामक हो गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके मिश्रा का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य चेकअप और पशु नियंत्रण प्रशासन की कार्यवाही की जरूरत है।

निवारक उपाय और जन जागरूकता

इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले में अकेले न जाएं और कुत्तों के साथ असुरक्षित परिस्थितियों में संवाद न करें। प्रशासन ने सुरक्षा के उपायों को लागू करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, कुत्तों की देखभाल के लिए औषधियों और वैक्सीनेशन के कार्यक्रमों पर भी ध्यान दिया जाएगा।

अभी तक, यह स्पष्ट नहीं है कि इस समय में कुत्तों का व्यवहार क्यों बदला है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी और भोजन की कमी मुख्य कारण हो सकते हैं।

समाज के लिए चुनौती

रुड़की की ये घटनाएं समाज के लिए संकेत हैं कि हमें पशुओं के प्रति सोच-विचार करना होगा। लावारिस कुत्तों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी देखभाल सभी की जिम्मेदारी है। अगर हम इन जानवरों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो ये उनके और हमारे लिए खतरनाक हो सकते हैं।

अब तक, स्थानीय निवासियों की चिंता यह है कि इस तरह की घटनाएं फिर से न हों। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है ताकि लोग जानते हों कि ऐसे समय में क्या करना चाहिए।

अंत में, सरकार और प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहना होगा ताकि मानवता और पशु जीवन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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सुमन शर्मा, Team The Odd Naari

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