उत्तराखंड के गर्वनर गुरमीत सिंह ने बनाया नया रिकॉर्ड, बनें सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राज्यपाल
Dehradun News : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल पद पर रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का करीब 19 वर्ष पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नया रिकॉर्ड किया अपने नाम […]
उत्तराखंड के गर्वनर गुरमीत सिंह ने बनाया नया रिकॉर्ड
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल पद पर रहने का नया रिकॉर्ड स्थापित कर लिया है।
देहरादून समाचार: उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने हाल ही में अपने कार्यकाल की अवधि को बढ़ाते हुए एक नया मील का पत्थर पार किया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का करीब 19 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे लंबे समय तक राज्य का संचालन करने का गौरव हासिल किया है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया
गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। अब, सोमवार को 1,755 दिनों से अधिक का कार्यकाल पूरा करते हुए, उन्होंने राज्य की सबसे लंबी अवधि तक राज्यपाल रहने का रिकॉर्ड बना लिया है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि उत्तराखंड के संवैधानिक इतिहास के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
राज्यपाल के रूप में सबसे ज्यादा समय तक कार्य करने वाले
गौरतलब है कि इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के नाम था, जिन्होंने 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक कुल 1,755 दिनों तक पद पर कार्य किया। गुरमीत सिंह ने अब उनकी इस अवधि को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
सैन्य सेवा में 40 साल का अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का जन्म 1 फरवरी 1956 को पंजाब के अमृतसर जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल कपूरथला से प्राप्त की और भारतीय सेना में लगभग 40 वर्षों तक सेवा दी। इस दौरान उन्हें पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम और वीएसएम जैसे अनेक सैन्य सम्मान प्राप्त हुए। वे 31 जनवरी 2016 को सेना के उप प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
उत्तराखंड के इतिहास में एक नया अध्याय
गुरमीत सिंह का यह नया रिकॉर्ड राज्य के संवैधानिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मना जा रहा है। उनकी निर्णयात्मकता और नेतृत्व ने राज्य की राजनीतिक स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
गुरमीत सिंह की उपलब्धियों से यह स्पष्ट होता है कि यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी, परिश्रम और निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे, तो वह न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त कर सकता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी योगदान दे सकता है।
इस प्रकार, गुरमीत सिंह के इस रिकॉर्ड ने ना केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि नेतृत्व की गुणवत्ता किस प्रकार राज्य की प्रगति में सहायक हो सकती है।
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Team The Odd Naari, लेखिका सुष्मा शर्मा
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