जीबी पंत अभियांत्रिकी संस्थान भर्ती घोटाला: कोर्ट में कुलसचिव, पूर्व निदेशक सहित चार आरोपियों को 3 अगस्त को पेश होना होगा

पौड़ी स्थित जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, घुड़दौड़ी में वर्ष 2019 में हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) पौड़ी की अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने संस्थान के वर्तमान कुलसचिव, पूर्व निदेशक समेत चार आरोपियों के खिलाफ समन जारी करते हुए उन्हें अदालत में पेश होने […] The post GB Pant Engineering Institute भर्ती घोटाला: कुलसचिव, पूर्व निदेशक समेत 4 को कोर्ट का समन, 3 अगस्त को होगी सुनवाई appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Jul 8, 2026 - 00:38
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जीबी पंत अभियांत्रिकी संस्थान भर्ती घोटाला: कोर्ट में कुलसचिव, पूर्व निदेशक सहित चार आरोपियों को 3 अगस्त को पेश होना होगा
जीबी पंत अभियांत्रिकी संस्थान भर्ती घोटाला: कोर्ट में कुलसचिव, पूर्व निदेशक सहित चार आरोपियों को 3 अगस्त को पेश होना होगा

जीबी पंत अभियांत्रिकी संस्थान भर्ती घोटाला: कोर्ट में कुलसचिव, पूर्व निदेशक सहित चार आरोपियों को 3 अगस्त को पेश होना होगा

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कम शब्दों में कहें तो पौड़ी स्थित जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में वर्ष 2019 में हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में अदालत ने चार प्रमुख आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है। इन आरोपियों को 3 अगस्त 2026 को कोर्ट में पेश होना होगा।

पौड़ी की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही संस्थान के वर्तमान कुलसचिव और पूर्व निदेशक सहित चार लोगों को समन भेजा है। इस निर्णय का आधार एसआईटी द्वारा क्रमबद्ध जांच के बाद पेश किया गया 2,000 पन्नों का आरोप पत्र है। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपियों को पेश होने का निर्देश दिया है।

2019 की नियुक्तियों में उठे विवाद

जीबी पंत अभियांत्रिकी संस्थान के प्रशासन ने वर्ष 2019 में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और कुलसचिव जैसे कुल 45 पदों पर नियुक्तियां की थीं। हालांकि, इन नियुक्तियों की प्रक्रिया पर बाद में कई सवाल उठाए गए। विभागीय जांच में जब अनियमितताओं के प्रमाण मिले, तो प्रशासन ने इस विषय में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

एसआईटी का गठन और एफआईआर प्रक्रिया

इस मामले में पहली एफआईआर तत्कालीन कुलसचिव डॉ. संजीव नैथानी की शिकायत पर 30 अक्टूबर 2021 को कोतवाली पौड़ी में दर्ज की गई। इसके बाद, तत्कालीन निदेशक प्रो. वाई. सिंह ने 26 नवंबर 2022 को एक और शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों के पश्चात उत्तराखंड सरकार ने नवंबर 2021 में एसएसपी पौड़ी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जो इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा लेता है।

आरोपियों की सूची और अदालत का समन

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद ए. वाहिद की अदालत ने इस मामले में आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए निम्नलिखित चार आरोपियों को समन जारी किया है:

  • कुलसचिव संदीप कुमार
  • पूर्व निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान
  • असिस्टेंट प्रोफेसर लोकेश कुमार
  • मनोज पाठक

यदि ये आरोपी तय तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। यह स्थिति कानून के प्रति गंभीरता को दर्शाती है और सभी संबंधित पक्षों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराती है।

उच्च न्यायालय की स्थिति

इस मामले में कुलसचिव संदीप कुमार ने भर्ती अनियमितता से संबंधित मुकदमा रद्द करने के लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसे अक्टूबर 2025 में खारिज कर दिया गया। अब निचली अदालत में भविष्य की सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। यह पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को दर्शाता है कि कानून के दायरे में सभी की जवाबदेही निश्चित है।

इस घटनाक्रम ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के क्षेत्र में भी पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की कितनी आवश्यकता है। विवाद के समाधान के लिए अपीलों और कानूनी प्रक्रियाओं में समय लगना स्वाभाविक है, लेकिन यह हमेशा सुनिश्चित करता है कि न्याय का मार्ग खुला रहे।

इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे पोर्टल पर देखें The Odd Naari.

सादर,
राधिका शर्मा, टीम द ओड नारी

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