उत्तराखंड मंत्रिमंडल के नए फैसले: जानें धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
देहरादून: Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश की चकबंदी व्यवस्था, चिकित्सा शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, खेल और पंचायत विकास समेत कई अहम विषयों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने को मंजूरी दी […] The post बिग ब्रेकिंग : पढ़िए धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले appeared first on Uttarakhand Broadcast.
उत्तराखंड मंत्रिमंडल के नए फैसले: जानें धामी कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
देहरादून: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस बैठक में प्रदेश की चकबंदी व्यवस्था, चिकित्सा शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, खेल और पंचायत विकास समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
कम शब्दों में कहें तो, धामी कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति होने पर हर जिले में 10 गांवों को चकबंदी के लिए चयनित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगी और आपत्तियों का निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
कैबिनेट के प्रमुख प्रस्तावों की सूची
- उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों के लिए सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई।
- राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी की सेवा नियमावली में संशोधन को स्वीकृति मिली। इसके तहत अब कंप्यूटर ज्ञान, 8000 की टाइपिंग स्पीड और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस व विंडोज का ज्ञान आवश्यक होगा।
- सुगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर “परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान” किया जाएगा।
- सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली से संबंधित दो नए पदों का सृजन किया जाएगा।
- चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 की जाएगी।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को “समान कार्य, समान वेतन” का लाभ मिलेगा।
- लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई, जिसमें 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद बनाए जाएंगे।
- महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में 16 पदों को स्वीकृति मिली।
- लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को स्वीकृति मिली। अब डेवलपर्स की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य होगी और प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत नई शैक्षिक नियमावली को मंजूरी दी गई, जिसमें मान्यता और नवीनीकरण की प्रक्रियाएं तय की गईं।
- पंचायतों के निर्माण कार्यों के लिए मिल रही राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया।
- विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंजूरी दी गई।
- फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पद सृजित करने को स्वीकृति मिली।
- यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन किया गया, अब होम स्टे में आठ कमरों तक की अनुमति होगी। संचालक का वहीं निवास होना अनिवार्य होगा और नवीनीकरण स्वतः हो जाएगा।
- यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन। अब बाहरी व्यक्ति भी निदेशक की भूमिका निभा सकेगा।
चकबंदी और पंचायत विकास पर विशेष जोर
इस मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रामीण विकास और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए चकबंदी और पंचायतों को अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करने पर फोकस किया गया। सरकार का मानना है कि इससे खेती को व्यवस्थित करने और गांवों में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी।
निष्कर्ष
हाल के इन निर्णयों से न केवल उत्तराखंड के ग्रामीण विकास में तेजी आएगी, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार की उम्मीद है। धामी सरकार की इन पहलों के माध्यम से प्रदेश में बुनियादी ढाँचे में सुधार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है।
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सादर,
टीम द ओड नारी
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