भारत पर ट्रंप का टैरिफ देख पुतिन का तगड़ा ऐलान जानिए, अमेरिका को दे दिया तगड़ा जवाब
अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया। यानी अब भारतीय समाना अमेरिका में ज्यादा महंगे हो जाएंगे। लेकिन तभी रूस से एक बड़ी खबर आई। पुतिन ने मेक इन इंडिया की जमकर तारीफ की और भारत में निवेश का ऐलान कर दिया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका भारत को ट्रेड वॉर में घेरने की कोशिश कर रहा है। क्या भारत रूस और दूसरे देशों के साथ मिलकर नई रणनीति बनाएगा। सबसे अहम बात क्या इससे मोदी सरकार को 2024 के चुनाव में फायदा होगा। दरअसल, अमेरिका ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान किया। इसमें भारत समेत कई देशों पर 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया गया। भारतीय उत्पादों पर 27 प्रतिशत का भारी टैक्स लगाया गया। मतलब अब भारतीय सामान अमेरिका में महंगे हो जाएंगे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि भारत अनुचित व्यापार नीतियों का पालन कर रहा है। अमेरिका का आरोप है कि भारत अपने मार्केट में अमेरिकी कंपनियों के लिए बाधाएं खड़ी करता है। ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार के लिए सबसे कठिन जगहों में से एक है। इसे भी पढ़ें: 10 % का बेस टैरिफ आज से लागू, पार्ट-2 9 अप्रैल से होगा प्रभावीभारत का अमेरिका के साथ कुल 131 अरब डॉलर का व्यापार है। भारत अमेरिका को टेक्सटाइल फार्मा, स्टील और जेम्स ज्वेलरी जैसे प्रोडक्ट डिलीवर करता है। टैरिफ बढ़ने से इन उत्पादों की कीमत अमेरिका में बढ़ जाएगी। जिससे इनकी ब्रिकी घट सकती है। इसे इस उदाहरण से समझिए कि अगर भारत अमेरिका को 10 लाख का हीरा बेचता है तो नए अमेरिकी टैरिफ लगने के बाद अमेरिका में इस हीरे की कीमत 12 लाख 60 हजार हो जाएगी। नतीजा ये होगा कि अमेरिका में हीरे की कीमत ज्यादा और डिमांड कम हो जाएगी। बताया जा रहा है कि अमेरिकी टैरिफ का असर भारत के डायमंड और ज्वेलरी, कार एससरीज, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, रेडिमेड गारमेंट जैसे सेक्टर पर पड़ेगा। हालांकि जेनरिक दवाईयों , तांबे के सामान और सेमीकंडक्टर जैसे कुछ सेक्टर्स को इससे बाहर रखा गया है। लेकिन कहानी यही खत्म नहीं होती है। भारत को अपने दोस्त रूस से बड़ी खबर मिली है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump जो कर रहे हैं वो खतरनाक, सोशल मीडिया पर हुई आलोचनाओं का समर्थक ऐसे दे रहे जवाबलेकिन जिस वक्त डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान किया। उसके तुरंत बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी बड़ा खेल कर दिया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी का नाम लेकर कहा है कि हम भारत में निवेश और सामानों का उत्पादन बढ़ाने जा रहे हैं। रूस ने कहा है कि हम भारत से होने वाले व्यापार को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगे। पुतिन ने ये बयान ट्रंप के टैरिफ के ऐलान और अपनी भारत की यात्रा से ठीक पहले दिया है। रूस ने ऐलान किया है कि 2030 तक हम भारत के साथ अपने व्यापार को 10 अरब डॉलर तक ले जाएंगे। हम भारत को सामान बेचेंगे और भारत से भरपूर सामान खरीदेंगे भी। जिस तरह से ट्रंप ने दुनिया के सामने टैरिफ का ऐलान किया। ठीक उसी तरह से पुतिन ने भारत की पहल मेक इन इंडिया की पूरी दुनिया के सामने तारीफ कर दी। इसे भी पढ़ें: टॉयलेट सीट से लेकर Levi's जींस तक, ट्रंप के टैरिफ वॉर के खिलाफ पलटवार करने के लिए ब्रिटेन बना रहा उत्पादों की सूचीउन्होंने कहा कि भारत की पहल मेक इन इंडिया के बारे में सब जानते हैं। हम भारत में अपनी ओर से कुछ उत्पादन करने के लिए भी तैयार हैं। भारतीय प्रधानमंत्री की सरकार विश्वसनीय और स्थिर परिस्थितियां बना रही हैं। भारतीय नेतृत्व अर्थव्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में राष्ट्रीय उन्मुख नीति का अनुसरण कर रहा है।

भारत पर ट्रंप का टैरिफ देख पुतिन का तगड़ा ऐलान जानिए, अमेरिका को दे दिया तगड़ा जवाब
The Odd Naari
लेखक: सिया शर्मा, टीम नेतानागरी
परिचय
हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है। पुतिन ने अमेरिका को जवाब देते हुए अपनी कूटनीतिक रणनीति को मजबूत किया है। अमेरिका के इस कदम पर भारत के लिए क्या मतलब है? आइए जानते हैं विस्तार से।
ट्रंप का टैरिफ: क्या है स्थिति?
डोनाल्ड ट्रंप ने जब भारत पर नए टैरिफ लगाए, तो यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एक नवीनतम मोड़ बन गया। ट्रंप प्रशासन का यह कदम भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकता है। भारत के कई कारोबारियों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि इससे आयातित सामानों की लागत बढ़ सकती है।
पुतिन का जबरदस्त जवाब
इस बीच, पुतिन का ऐलान एक विस्तृत कूटनीतिक प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि रूस भारत के साथ अपने व्यापार को और मजबूत करने का प्रयास करेगा। पुतिन ने अमेरिका की नीति को औपनिवेशिक मानसिकता बता कर इसे अस्वीकार किया है।
पुतिन ने भारत-रूस व्यापार संबंधों को मज़बूत करने के लिए नई योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिसमें नई तकनीकों का सहयोग और रक्षा सौदों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने पुतिन के इस बयानों का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत हमेशा से अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा और किसी भी प्रकार के दबाव का सामना करने के लिए तैयार है। भारत ने रूस के साथ अपने संबंधों को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
आने वाले समय में संभावनाएँ
इस स्थिति के आगे बढ़ने पर, भारत की अन्य अंतर्राष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ भी संबंधों में संभावित बदलाव आ सकते हैं। भारतीय उद्योगों को अमेरिका से लेकर अन्य देशों तक अपने व्यापार मॉडल को फिर से संरेखित करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
अमेरिका और रूस के बीच इस नये कूटनीतिक खेल में भारत एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन रहा है, यह दर्शाता है कि वैश्विक शक्ति संतुलन कैसे बदल रहा है। आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प रहेगा कि भारत अपनी विदेशी नीति को कैसे आगे बढ़ाता है और वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करता है।
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