नोएडा पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अपराजेय’: दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों का किया जाएगा संरक्षण

नोएडा: दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण तथा उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ‘ऑपरेशन अपराजेय’ नामक विशेष अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह अभियान समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों में […]

Jun 9, 2026 - 18:38
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नोएडा पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अपराजेय’: दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों का किया जाएगा संरक्षण
नोएडा पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अपराजेय’: दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों का किया जाएगा संरक्षण

नोएडा पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अपराजेय’

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कम शब्दों में कहें तो, गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। यह पहल ‘ऑपरेशन अपराजेय’ के अंतर्गत की गई है। इस अभियान का शुभारंभ पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने किया।

ऑपरेशन अपराजेय

क्यों है यह अभियान महत्वपूर्ण?

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का कहना है कि ‘ऑपरेशन अपराजेय’ समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों में से एक, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पहल उन बच्चों को ध्यान में रखती है जिन्हें विशेष आवश्‍यकता होती है और जिनका अधिकार सुरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।

प्रमुख विशेषताएँ

इस अभियान के पहले चरण में कमिश्नरेट क्षेत्र के 1645 दिव्यांग बच्चों की पहचान की गई है। इस पहलों के जरिए उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक समग्र कार्ययोजना लागू की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक पुलिस थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से बच्चों, उनके अभिभावकों और देखभाल करने वालों का विवरण गोपनीय रूप से एकत्रित किया जाएगा।

विशेष ज़िम्मेदारी महिला पुलिस अधिकारियों की

इस अभियान में महिला बीट अधिकारियों को भी विशेष जिम्मेदारी दी गई है। यह अधिकारी प्रत्येक 15 दिन में बच्चों के परिवारों और देखभाल करने वालों से संपर्क कर उनकी आवश्यकताओं, स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की जानकारी लेंगी। अगर किसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सहायता प्राप्त कराई जाएगी।

आपातकालीन सेवाओं के बारे में जागरूकता

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि बच्चों और उनके अभिभावकों को डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी आपातकालीन सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा, दिव्यांग बच्चों का देखभाल करने वाले केयर टेकर का रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता न हो सके।

समुदाय आधारित सुरक्षा योजना

अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एक ‘नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान’ तैयार किया जा रहा है। इससे समुदाय आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। पुलिस कर्मियों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि यह अभियान सही दिशा में आगे बढ़ सके।

सहायता के लिए हेल्पलाइन

दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों की सहायता के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने एक हेल्पलाइन नंबर 8595902539 जारी किया है। लोग इस नंबर पर संपर्क कर शिकायत, परामर्श या सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

एक सशक्त पहल

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ‘ऑपरेशन अपराजेय’ केवल एक अभियान नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य की दिशा में एक समर्पित प्रयास है। यह उनके अधिकारों की रक्षा और समग्र विकास को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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संपादित: सुषमा शर्मा, टीम द ओड नारी

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