उत्तराखंड: जल विद्युत निगम के JE 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए

देहरादून : उत्तराखंड में सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हर महीने किसी न किसी विभाग का कर्मचारी विजिलेंस के शिकंजे में फंसता नजर आ रहा है। अब ताजा मामला जल विद्युत निगम से सामने आया है, जहां विजिलेंस टीम ने जूनियर इंजीनियर (JE) फैजल खान को 50 हजार रुपये […] The post ब्रेकिंग : जल विद्युत निगम का JE 50 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार appeared first on Uttarakhand Broadcast.

May 21, 2026 - 18:38
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उत्तराखंड: जल विद्युत निगम के JE 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए
उत्तराखंड: जल विद्युत निगम के JE 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए

उत्तराखंड: जल विद्युत निगम के JE 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों का बढ़ता ग्राफ चिंताजनक है। इस बार विजिलेंस की जाल में जल विद्युत निगम के जूनियर इंजीनियर (JE) फैजल खान रंगेहाथ पकड़े गए हैं। खबर है कि उन्होंने एक ठेकेदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह मामला रोज़मर्रा की भ्रष्टाचार की वृद्धि को दिखाता है, जिससे जनता में व्यवस्था के प्रति निराशा फैल रही है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, हालिया घटनाक्रम में जल विद्युत निगम के JE ने भ्रष्टाचार का नया आयाम प्रस्तुत किया है। विजिलेंस टीम ने एक ठेकेदार की शिकायत के बाद कार्रवाई कर उसे रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह घटना ऋषिकेश में हुई, जहाँ एक ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि फैजल खान उसके भुगतान की प्रक्रिया में देरी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था।

भ्रष्टाचार की अनियंत्रित प्रवृत्ति

जानकारी के अनुसार, ठेकेदार ने जब विजिलेंस विभाग से शिकायत की, तो मामले की जांच शुरू हुई। जांच में पाया गया कि JE फैजल खान ने वास्तव में रिश्वत मांगी थी। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने ऋषिकेश में एक जाल बिछाया और उसे 50 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। यह कार्रवाई सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर चोट करती है और सरकार के प्रतिष्ठान को भी चुनौती देती है।

विभागीय हलकों में हड़कंप

इस गिरफ्तारी के बाद, विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से उनकी प्रतिष्ठा पर गहरा असर पड़ रहा है। विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि वो ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

अधिकारीयों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई केवल शुरुआत है, और उनका अभियान भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कर्मचारी रिश्वत की मांग करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान

विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों के बीच रिश्वतखोरी का मुद्दा बहुत गंभीर है, जिससे लोगों का विश्वास उठता जा रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए नागरिकों के प्रति ईमानदारी से कार्य करें।

अत्यधिक सजगता के कारण ही विजिलेंस ने इस मामले को इतना गंभीरता से लिया और साक्ष्यों की जांच के बाद तत्काल कार्रवाई की। लोगों का मानना है कि इस प्रकार के कदम से भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकता है।

सरकार के सख्त कदमों का परिणाम जन जागरूकता में बढ़ावा देने के रूप में सामने आ रहा है, जिसका सीधा असर इस प्रकार के मामलों में कमी लाने में मददगार साबित होगा।

देश भर में अगर इसी प्रकार की सजगता और तेजी से कार्रवाई की गई तो निश्चित ही भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा। इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे और नकली उम्मीदें छोड़कर कड़े फैसले करने होंगे।

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टीम द ओड नारी

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