अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: सीएम धामी ने 149 प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिया स्मार्टफोन

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी मेधावी बालिकाओं को बधाई देते हुए […] The post अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम धामी ने 149 मेधावी बालिकाओं को प्रदान किए स्मार्टफोन appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Oct 11, 2026 - 18:38
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: सीएम धामी ने 149 प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिया स्मार्टफोन
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: सीएम धामी ने 149 प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिया स्मार्टफोन

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: सीएम धामी ने 149 प्रतिभाशाली बालिकाओं को दिया स्मार्टफोन

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में भाग लिया। इस विशेष अवसर पर, उन्होंने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी मेधावी बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कम शब्दों में कहें तो, सीएम धामी ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान करके उनके शिक्षण में तकनीकी मदद का एक बड़ा कदम उठाया है। यह पहल न केवल शिक्षा को प्रोत्साहित करती है, बल्कि इनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें।

बालिकाओं की शक्ति पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि का पहला दिन एक विशेष संयोग है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में कन्याओं की पूजन की प्रथा को महत्व देते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि हमें बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, और शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित रहना चाहिए। उनका कहना था कि “बेटियां न केवल परिवार की खुशियों का आधार हैं, बल्कि समाज की शक्ति और राष्ट्र की उन्नति की मुल भूत तत्व हैं।”

महिला सशक्तीकरण के पहल

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र किया जैसे: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, और नारी शक्ति वंदन अधिनियम। ये सभी पहल महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उनका कहना था कि नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में नई पहलों का परिचय

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बेटी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना और गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना भी चलायी जा रही हैं।

डिजिटल शिक्षा का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक का महत्व बढ़ गया है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन मुहैया कराना उनकी तकनीकी साक्षरता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार टैबलेट्स उपलब्ध कराने के लिए भी धनराशि देने की दिशा में प्रयास कर रही है, जिससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में कदम

सीएम ने कहा कि बेटियों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बाल विवाह और अन्य सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, अनाथ बच्चों के लिए राजकीय सेवाओं में 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और पॉक्सो पीड़ित बच्चों को कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर बेटी को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले। उनके अनुसार, “हमें अपने बच्चों को आत्मविश्वास से भरा और सक्षम बनाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए।”

इस महत्वपूर्ण अवसर पर सीएम धामी ने बेटियों के भविष्य की आशा और संभावनाओं को उजागर करते हुए यह भी कहा कि “हम सभी को मिलकर इस दिशा में कार्य करना होगा ताकि कोई भी बेटी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।”

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