देहरादून में बिल्डर की दबंगई का कड़ा जवाब, डीएम ने गुंडा एक्ट के तहत 6 महीने के लिए किया जिला बदर

देहरादून।  देहरादून जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एटीएस कॉलोनी में दहशत और भय का माहौल पैदा करने वाले विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के तहत पुनीत अग्रवाल को […] The post Breaking: देहरादून में बिल्डर की दबंगई पर डीएम का प्रहार, गुंडा एक्ट में 6 महीने के लिए जिला बदर appeared first on Uttarakhand Broadcast.

May 19, 2026 - 18:38
 150  29.6k
देहरादून में बिल्डर की दबंगई का कड़ा जवाब, डीएम ने गुंडा एक्ट के तहत 6 महीने के लिए किया जिला बदर
देहरादून में बिल्डर की दबंगई का कड़ा जवाब, डीएम ने गुंडा एक्ट के तहत 6 महीने के लिए किया जिला बदर

देहरादून में बिल्डर की दबंगई का कड़ा जवाब, डीएम ने गुंडा एक्ट के तहत 6 महीने के लिए किया जिला बदर

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, देहरादून जिला प्रशासन ने विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्हें गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत 6 महीने के लिए जिला बदर किया गया है।

देहरादून। देहरादून जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एटीएस कॉलोनी में दहशत और भय का माहौल पैदा करने वाले विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के तहत पुनीत अग्रवाल को “गुंडा” घोषित करते हुए 6 माह के लिए देहरादून जनपद से जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।

आवेदन और व्यापक शिकायतें

मामले की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी और डीआरडीओ की वैज्ञानिक हेम शिखा समेत अन्य स्थानीय लोगों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराने से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 अप्रैल 2026 को पुनीत अग्रवाल ने डीआरडीओ में तैनात वैज्ञानिक के परिवार पर हमला किया, जिसमें मारपीट के दौरान पीड़ित का कान का पर्दा फट गया। साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों और कॉलोनीवासियों के साथ गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किए जाने की भी शिकायत की गई।

गोपनीय जांच और सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई। जांच में सामने आया कि आरोपी का व्यवहार क्षेत्र में लगातार भय और असुरक्षा का वातावरण बना रहा था। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय निवासियों की शिकायतों को भी न्यायालय ने गंभीरता से लिया।

डीआरडीओ का समर्थन

डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका ने भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी का व्यवहार समाज में भय और तनाव का कारण बन चुका है और समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।

अपराधी की पहचान

हालांकि बचाव पक्ष ने इसे आपसी रंजिश और सिविल विवाद बताया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायतों, वायरल वीडियो और गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने पुनीत अग्रवाल को आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति माना, जो लोगों को डराने-धमकाने और क्षेत्र में अशांति फैलाने का आदी है।

24 घंटे में जिला छोड़ने के निर्देश

जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुसार, पुनीत अग्रवाल अगले 6 माह तक बिना अनुमति देहरादून जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कठोर कारावास और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

पुनीत अग्रवाल के विवादों का इतिहास

बताया गया कि इससे पहले दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने और लाइसेंसी हथियार का प्रदर्शन करने के मामले में भी जिलाधिकारी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुनीत अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त कराया था।

कई मामलों में चल रहे हैं मुकदमे

आरोपी पर डीआरडीओ वैज्ञानिक से मारपीट, नशे की हालत में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से अभद्रता, बच्चों को धमकाने, वाहन से टक्कर मारने की कोशिश, जनरल बॉडी मीटिंग में धमकी देने, झूठे मुकदमों में फंसाने के प्रयास तथा भूमि कब्जे जैसे मामलों में कुल पांच एफआईआर दर्ज हैं।

अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे

पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन का कहना है कि आमजन, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय सुरक्षा का महसूस होना

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कानून का भय बढ़ा है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। डीएम सविन बंसल की इस कार्रवाई का स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है और इसे कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है।

इसके अलावा, प्रशासन ने इस मामले को लेकर स्पष्ट संकेत दिया है कि वे ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो आम जन के जीवन में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा करते हैं।

For more updates, visit The Odd Naari.

Signed off by: अंजलि सिंह, टीम द ओड नारी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow