देहरादून में न्याय देवता गोल्ज्यू महाराज का पहले बार आगमन, श्रद्धा में लीन राजधानी
देहरादून | उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज की पावन डोली पहली बार देहरादून पहुंची। चम्पावत से शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा “श्री गोल्ज्यू महाराज यात्रा 2026” के तहत राजधानी में प्रवेश करते ही श्रद्धा का केंद्र बन गई। डोली ने देहरादून […] The post राजधानी में पहली बार न्याय देवता का आगमन, देहरादून बना भक्ति में लीन appeared first on Uttarakhand Broadcast.
देहरादून में न्याय देवता गोल्ज्यू महाराज का पहले बार आगमन
देहरादून | उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम उस समय प्रकट हुआ जब न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज की पावन डोली पहली बार देहरादून पहुंची। चम्पावत से शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा “श्री गोल्ज्यू महाराज यात्रा 2026” के तहत राजधानी में प्रवेश करते ही श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गई। कम शब्दों में कहें तो, इस यात्रा ने देहरादून को धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया।
डोली ने देहरादून पहुंचकर सबसे पहले मणिमाई मंदिर में दर्शन दिए। इसके बाद, यह डोली सीधे कुंआवाला स्थित सीआईएमएस कॉलेज देहरादून पहुंची, जहां कॉलेज प्रबंधन और हजारों श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर आस्था और भक्ति का अद्भुत माहौल दिखाई दिया, जिससे हर कोई प्रेरित हुआ।
सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने विधिवत पूजा-अर्चना द्वारा गोल्ज्यू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस उत्सव में संस्थान के निदेशक रमेश चंद्र जोशी, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, निदेशक जानकी जोशी सहित शिक्षक, कर्मचारी और 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सभी ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को और भी खास बना दिया।
धार्मिक यात्रा का मार्ग
कॉलेज में स्वागत के बाद, डोली ने देहरादून के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें घंटाघर देहरादून, गोरखाली सुधार सभा गढ़ी कैंट, टपकेश्वर महादेव मंदिर, द्रोण आश्रम (टपकेश्वर कॉलोनी) और मां काली मंदिर रायपुर शामिल हैं। हर स्थान पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और डोली का फूल-मालाओं, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ स्वागत किया गया। ऐसा नजारा सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा था।
यात्रा का आयोजन
इस पूरे आयोजन का संयोजन “अपनी धरोहर न्यास” के अध्यक्ष विजय भट्ट और योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी द्वारा किया गया। यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना है। उनके प्रयासों से इस यात्रा को एक नया आयाम मिला है और लोगों को आस्था में जोड़ने में मदद मिली है। कुल मिलाकर, गोल्ज्यू महाराज की इस ऐतिहासिक यात्रा ने देहरादून को भक्ति, आस्था और संस्कृति के रंग में रंग दिया, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक याद रखेंगे। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक भावना को बढ़ाया जाता है, बल्कि सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत किया जाता है।
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सादर, टीम दOdd Naari
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