हर्रावाला से सोमनाथ तक विशेष तीर्थ रेल यात्रा का उद्घाटन

The post हर्रावाला से सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ appeared first on Avikal Uttarakhand. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 700 श्रद्धालु छह दिवसीय विशेष तीर्थ यात्रा में हुए शामिल अविकल उत्तराखंड देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’… The post हर्रावाला से सोमनाथ के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 13, 2026 - 18:38
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हर्रावाला से सोमनाथ तक विशेष तीर्थ रेल यात्रा का उद्घाटन
हर्रावाला से सोमनाथ तक विशेष तीर्थ रेल यात्रा का उद्घाटन

हर्रावाला से सोमनाथ तक विशेष तीर्थ रेल यात्रा का उद्घाटन

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्रावाला स्टेशन से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत विशेष रेल यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा में लगभग 700 श्रद्धालुओं ने भाग लिया है, जो छह दिनों की तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की इस विशेष यात्रा का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण साधन है। इसके माध्यम से, स्थानीय लोगों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

विशेष यात्रा में श्रद्धालुओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा में विभिन्न वर्गों के लगभग 700 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज के लोग और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को मंगलमय और सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

इतिहास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की गौरवपूर्ण सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है और देश में विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ओर भी संकेत दिया, जिसमें भारतीय सभ्यता और संस्कृति के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की जीवनरेखा भी हैं।" इस प्रकार, यह विशेष यात्रा हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था और पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उत्तराखंड की सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सरकार की पहल के बारे में बताया, जिसमें राज्य को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में अनेक विकासात्मक परियोजनाएँ भी प्रस्तावित हैं, जैसे हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर का विकास। इसके साथ ही, दून विश्वविद्यालय में 'सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज' की स्थापना भी की गई है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और दर्शन के अध्ययन को बढ़ावा देना है।

सांस्कृतिक मूल्यों की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा के प्रति वचनबद्ध है। इसके लिए धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून भी लागू किए गए हैं। इस प्रकार, इस यात्रा का उद्देश्य न केवल धार्मिक है, बल्कि यह सांस्कृतिक संरक्षण और गर्व का भी प्रतीक है।

श्रद्धालुओं का संदेश

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और 'अतिथि देवो भवः' की भावना का प्रतिनिधित्व करें। वह चाहते हैं कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से न केवल सोमनाथ का दर्शन करें, बल्कि उत्तराखंड के समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का भी सही प्रतिनिधित्व करें।

इस विशेष अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल और अनेक स्थानीय नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत का स्वागत किया।

इसके अलावा, यदि आप इस विषय पर और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो कृपया हमारी वेबसाइट The Odd Naari पर जाएं।

सम्पादित: नीति मित्तल, टीम द ऑड नारी

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