केदारनाथ के वीआईपी अतिथियों के बिलों में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि
The post केदारनाथ के वीआईपी अतिथियों के बिलों में गड़बड़ी की पुष्टि appeared first on Avikal Uttarakhand. शासन ने बीकेटीसी अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश जांच में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध सक्षम स्वीकृति के बिना मंदिर कोष से जारी हुई अग्रिम धनराशि अविकल थपलियाल देहरादून।… The post केदारनाथ के वीआईपी अतिथियों के बिलों में गड़बड़ी की पुष्टि appeared first on Avikal Uttarakhand.
केदारनाथ के वीआईपी अतिथियों के बिलों में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि
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कम शब्दों में कहें तो केदारनाथ के विशिष्ट अतिथियों के लिए किए गए खर्चों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसके चलते शासन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में जारी जांच के अनुसार, केदारनाथ में वीआईपी अतिथियों के आवास, भोजन और अन्य खर्चों के बिलों में वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है। शासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। उप सचिव अनिल कुमार पांडे द्वारा 25 जून 2026 को जारी पत्र में इस बात की जानकारी दी गई है।
जांच में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि मंदिर कोष से जारी की गई अग्रिम धनराशि सक्षम स्तर की स्वीकृति के बिना ही जारी की गई, जिसे वित्तीय अनियमितता के रूप में देखा जा रहा है। इसमें तत्कालीन व्यवस्थापक, तथा मुख्य अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
निर्देशों का महत्व
शासन ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 के तहत आवश्यक कार्रवाई करें। यह कदम मंदिर समिति में वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि संबंधित अधिकारी कब तक सफाई पेश करेंगे।
आरटीआई से हुआ खुलासा
इस मुद्दे पर अधिक ध्यान तब आया जब अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भाजपा विधायक आशा नौटियाल और अन्य पार्टी नेताओं द्वारा किए गए खर्चों की जांच की गई। हालांकि, भाजपा नेत्रियों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने बिलों का भुगतान स्वयं किया था।
दान चोरी की समसागी और विपक्ष का दबाव
हाल ही में बद्रीनाथ धाम से जुड़े दान चोरी के मामले ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। जिसमें बीकेटीसी के एक कर्मचारी को निलंबित किया गया है। इस मामले पर विपक्ष और कई संगठनों ने हमलावर रूख अपना रखा है।
सामाजिक जवाबदेही का सवाल
इस प्रकार के वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा न केवल उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं के सम्मान में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन और प्रशासन के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। हमें उम्मीद है कि इस मुद्दे पर शासन की कार्रवाई से मांग की गई पारदर्शिता और जवाबदेही उच्चतम स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
अंत में, अब निगाहें इस बात पर हैं कि मंदिर समिति इस मामले में आगे क्या कदम उठाएगी। अपनी राय हमारे साथ साझा करें।
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सादर, टीम द ओड नारी
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