देहरादून में मूसलधार बारिश पर प्रशासन का कड़ा रुख, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और सहस्रधारा, कार्लीगढ़ तथा अति संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों […] The post बड़ी खबर : देहरादून में बारिश पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, डीएम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर दिए सख्त निर्देश appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Jul 10, 2026 - 00:38
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देहरादून में मूसलधार बारिश पर प्रशासन का कड़ा रुख, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
देहरादून में मूसलधार बारिश पर प्रशासन का कड़ा रुख, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून में मूसलधार बारिश पर प्रशासन का कड़ा रुख, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

कम शब्दों में कहें तो: देहरादून में भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तत्काल निरीक्षण किया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए सख्त निर्देश दिए।

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट और भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने इमरजेंसी मोड में प्रवेश किया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान खुद ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थितियों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और संवेदनशील सपेरा बस्ती का दौरा किया और लोगों से बातचीत की ताकि उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा सके। डीएम ने प्रभावी और त्वरित राहत कार्यों के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

सहस्रधारा-सरोना मार्ग की स्थिति की समीक्षा

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग चार स्थानों पर मलबे के कारण बाधित हो गया है। पीएमजीएसवाई अधिकारियों के अनुसार, पिछली आपदा में यह मार्ग 11 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था, और शासकीय स्तर पर स्थायी उपचार की आवश्यकता है।

डीएम ने निर्देश दिया कि जेसीबी मशीनें तुरंत दोनों छोरों पर लगाई जाएं ताकि मलबा हटाकर मार्ग को जल्द सुचारू किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मार्ग के स्थायी संरक्षण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन भी दिया।

कार्लीगढ़ क्षेत्र में सुरक्षा तैयारी

कार्लीगढ़ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने कहा कि पिछले साल की आपदा के बाद मलबा हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी घरों में पर्याप्त राशन, पेयजल और बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी परिवारों के मोबाइल नंबर जिला कंट्रोल रूम में दर्ज किए जाएं ताकि आपात स्थितियों में उन्हें समय पर सूचना दी जा सके और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

सपेरा बस्ती में सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण

डीएम ने सपेरा बस्ती का निरीक्षण करते हुए स्थानीय निवासियों से सुरक्षा संबंधी सुझाव भी लिए। उन्होंने नाले के उपचार, दीवारों की मरम्मत और अन्य सुरक्षा कार्यों का त्वरित आकलन करने के आदेश दिए।

नगर निगम को निर्देश दिया गया कि खतरे वाले मकानों के निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थलों पर स्थानांतरित किया जाए और बारिश के दौरान प्रभावी चेतावनी प्रणाली को सुनिश्चित किया जाए।

जिले में 25.75 मिमी वर्षा और बाधित सड़कें

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 09 जुलाई को जिले में औसतन 25.75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

  • यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुँच गया है।
  • गंगा और टोंस नदी का जलस्तर इस समय खतरे के निशान से नीचे है।
  • हरिपुर–इच्छाड़ी–कुवानु–मीनास राज्य मार्ग भूस्खलन के कारण तीन स्थानों पर अवरुद्ध है, जिसे शाम तक खोलने का लक्ष्य है।
  • जिले के 14 ग्रामीण मार्ग भी मलबा आने के कारण बंद हैं, जिनका साफ़ करने का कार्य तेजी से जारी है।

निरीक्षण में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद, और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार शामिल थे।

राहत कार्यों की जानकारी के लिए और अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.

समाप्त,
टीम द ओड नारी

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