देहरादून में पुस्तक महोत्सव का भव्य शुभारंभ, सीएम धामी का बच्चों से संवाद
Dehradun News : आज राजधानी देहरादून में पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। 4 से 12 अप्रैल 2026 तक परेड ग्राउंड में चलने वाले पुस्तक मेले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत कर पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। सीएम धामी ने किया पुस्तक महोत्सव शुभारंभ देहरादून में आज से पुस्तक मेले का शुभारंभ हो गया […]
देहरादून में पुस्तक महोत्सव का भव्य शुभारंभ
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कम शब्दों में कहें तो, आज देहरादून में पुस्तक महोत्सव की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई। यह उत्सव 4 से 12 अप्रैल 2026 तक परेड ग्राउंड में आयोजित होगा।
सीएम धामी ने किया पुस्तक महोत्सव शुभारंभ
आज देहरादून के परेड ग्राउंड में पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ किया गया, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत करके इसकी औपचारिक शुरुआत की। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा आयोजित यह महोत्सव, साहित्य और संस्कृति को समर्पित है। यह पूरे देश के पाठकों, लेखकों, और विचारकों को एक मंच पर लाने का वादा करता है।
300 से अधिक पब्लिशर हो रहे शामिल
महोत्सव में 300 से अधिक प्रकाशक शामिल हो रहे हैं और लगभग 10 लाख पुस्तकों का संग्रह प्रस्तुत किया जा रहा है। गढ़वाली और कुमाऊँनी सहित विभिन्न भाषाओं में लाखों पुस्तकें इस महोत्सव में प्रदर्शित की जाएगी। यह अद्वितीय मौका है जहां पाठक विभिन्न शैलियों और विषयों की किताबों का आनंद ले सकते हैं।
पुस्तक महोत्सव में प्रवेश है निःशुल्क
एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में पढ़ने की आदतों को प्रोत्साहित करना और साहित्य को आम जन तक पहुँचाना है।
इसके अतिरिक्त, बच्चों के लिए कई रोचक गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जैसे स्टोरी टेलिंग सत्र, रचनात्मक कार्यशालाएँ, क्विज़ और इंटरएक्टिव सीखने के अनुभव। इसके साथ ही, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और म्यूज़िकल कॉन्सर्ट का आयोजन भी होगा, जो महोत्सव के माहौल को जीवंत बनाएगा।
एक नजर में
यह पुस्तक महोत्सव केवल पुस्तकों का उत्सव नहीं है, बल्कि विचारों और संस्कृतियों के आदान-प्रदान का भी एक मंच है। इसके माध्यम से शिक्षा प्रणाली को सशक्त करने और पढ़ने की आदतों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
सीएम धामी ने इसलिए इस महोत्सव का उद्घाटन करके एक तरिफनीय भूमिका निभाई, जिससे बच्चों और युवा पीढ़ी को प्रेरित किया जा सके। विदित है कि बच्चे ही भविष्य के संपादक और लेखक बनने की क्षमता रखते हैं।
अंत में, हमें उम्मीद है कि यह पुस्तक महोत्सव सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करेगा और साहित्य के प्रति उनकी रुचि को बढ़ाने में मदद करेगा।
शिक्षा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में मदद करने के लिए सभी को इस महोत्सव में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
— टीम द ओड नारी, राधिका शर्मा
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