जिसे ढूंढ रही पूरी दुनिया वो मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए, फिर अचानक रुके और क्या पूछने लगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कदमताल करते नजर आए शख्स पर पूरी दुनिया की नजरें गड़ गई हैं। अगर हम कहें कि इस शख्स को पूरी दुनिया ढूंढ़ रही है तो गलत नहीं होगा। इस शख्स के पास ऐसा रणनीतिक खनाजा है जिसके लिए कई देश मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हैं। मगर ये ताकतवर शख्स पीएम मोदी के साथ हैं। आपको बता दें कि पीएम मोदी के साथ दक्षिण अमेरिकी देश चिली के राष्ट्रपति ग्रैबियल बोरिक हैं। ग्रैबियल बोरिक का पीएम मोदी के साथ होना कई देशों को परेशान कर सकता हैं। दोनों की तस्वीरें देखकर तो चीन की सांस ही अटक गई होगी। पीएम मोदी के साथ ग्रैबियल बोरिक का होना इसलिए भी दुनिया को हैरान कर रहा है क्योंकि चिली के पास ऐसा खजाना है जो भारत को मालामाल कर सकता है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चिली के पास दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार है। बताया जाता है कि चिली के पास 10 मिलियन मैट्रिक टन से भी ज्यादा लिथियम है। इसे भी पढ़ें: Israel Embassy पर भी छाया घिबली का खुमार, शेयर की PM Modi-Netanyahu की फोटोसोशल मीडिया पर हैदराबाद हाउस का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि पीएम मोदी और चिली के राष्ट्रपति एक दरवाजे से निकल रहे हैं, पीएम मोदी और चिली के राष्ट्रपति दोनों एक दूसरे से कदम ताल करते हुए बातचीत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी के साथ चलते चलते राष्ट्रपति बोरिक अचानक रुके और मुड़ गए। दरअसल, ग्रैबियल बोरिक पीएम मोदी के साथ चल रहे थे तभी उन्हें भारत का तिरंगा दिखा। राष्ट्रपति ग्रैबियल तिरंगे की तरफ मुड़े और अचानक पीएम मोदी से अशोक चक्र के बारे में पूछने लगे। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ग्रैबियल को अशोक चक्र का महत्व समझाया। राष्ट्रपति ग्रैबियल ध्यान से पीएम मोदी की बातें सुनते रहे। वैसे आपको जानकारी के लिए बता दें कि अशोक चक्र सारनथ के अशोक स्तंभ से लिया गया एक गहरा नीला चक्र है, जो धर्म का प्रतीक है। इसमें 24 तिलियां हैं जो मनुष्यों के 24 गुणों का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसे भी पढ़ें: Thank You Modi ji..., Waqf Bill के समर्थन में सामने आईं मुस्लिम महिलाएं, विरोध के बीच BJP के लिए बड़ी राहतदुनिया के नक्शे को जब भी आप देखेंगे तो आपको दो अमेरिकी महाद्वीप दिखेंगे। एक उत्तरी अमेरिका और दूसरा दक्षिणी अमेरिका। दरअसल चिली इसी दक्षिणी अमेरिका के सबसे निचले हिस्से पर है। इसकी सीमा अर्जेंटीना, बोलिविया और पेरू से लगती है। चिली को लैटिन अमेरिका में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए मोदी ने कहा कि भारत इस देश को अंटार्कटिका के प्रवेश द्वार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में चिली के साथ अपने सकारात्मक अनुभव साझा करने के लिए तैयार है। Watch: Chile's President Boric stops to ask PM Modi about the Chakra in the Indian Flag at Hyderabad House. Indian PM explains him. https://t.co/P3PAkVEjfB pic.twitter.com/zbaSlen1gI— Sidhant Sibal (@sidhant) April 1, 2025

जिसे ढूंढ रही पूरी दुनिया वो मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए, फिर अचानक रुके और क्या पूछने लगे?
The Odd Naari
लेखिका: साक्षी शर्मा, टीम नेतानागरी
परिचय
वर्तमान में, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से वैश्विक सुर्खियों में हैं, और इस बार उनकी चर्चा का विषय है एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जिसमें वे एक विश्व प्रसिद्ध नेता के साथ चलते हुए देखे गए। यही नहीं, उनकी वार्ताएं और बातचीत ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।
विश्व प्रसिद्ध नेता के साथ प्रधानमंत्री मोदी
हाल ही में, एक वैश्विक जलवायु सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी को उनकी विदेशी समकक्ष के साथ चलते हुए देखा गया। यह दृश्य न केवल सौम्यता का प्रतीक था, बल्कि एक व्यावसायिक रिश्ते की भी मिसाल प्रस्तुत करता है। दोनों नेताओं के बीच की चर्चा ने इस घटना को और अधिक दिलचस्प बना दिया।
पल भर की ठहराव और सवाल
जब ये दोनों नेता बातचीत करते हुए अचानक रुके, तो ऐसा प्रतीत हुआ जैसे उन्होंने एक अंतरंग सवाल के लिए समय निकाला हो। मोदी जी ने अपने साथी से क्या पूछा, यह सबके लिए जिज्ञासा का विषय बन गया। सूत्रों के अनुसार, मोदी जी ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगी, जिससे दिखता है कि वे वैश्विक समस्याओं के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
जलवायु संकट पर चर्चा
जलवायु परिवर्तन एक ऐसी चुनौती है जिससे पूरी दुनिया जूझ रही है। मोदी जी की यह पहल न केवल भारत के प्रति विश्व की धारणा को बेहतर करेगी, बल्कि यह अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इस बातचीत से यह साफ होता है कि मोदी जी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी व्यक्ति हैं।
वास्तविकता का महत्व
इसके अलावा, इस घटना ने यह भी दिखाया कि वैश्विक नेताओं के बीच संवाद कितना महत्वपूर्ण है। बातचीत के माध्यम से ही हम जटिल मुद्दों का समाधान निकाल सकते हैं। यह हमारे दैनिक जीवन में भी एक महत्वपूर्ण सबक है कि सभी समुदायों और देशों को एक साथ चलना चाहिए।
निष्कर्ष
इस प्रकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल और उनकी संवाद की शैली हमें यह सिखाती है कि हम विश्व स्तर पर कैसे एकजुट होकर अपने मुद्दों का सामना कर सकते हैं। संक्षेप में, यह घटना यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक मंच पर न केवल एक महत्वपूर्ण रोल निभा रहा है, बल्कि वह नेतृत्व के रूप में भी उभर रहा है।
इसलिए, हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। अधिक अपडेट्स के लिए theoddnaari.com पर जाएं।