BRICS इंदौर डिक्लेरेशन: कृषि, तकनीकी नवाचार और खाद्य सुरक्षा पर वैश्विक सहमति का महत्वपूर्ण कदम
इंदौर: भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक का समापन ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के साथ हुआ, जिसे वैश्विक कृषि सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस घोषणा-पत्र में खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर साझा प्रतिबद्धता जताई गई है। […]
इंदौर डिक्लेरेशन: कृषि के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों की नई पहल
कम शब्दों में कहें तो, भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स देशों की हालिया कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक का समापन ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ के साथ हुआ है। इस घोषणा पत्र में खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण और डिजिटल कृषि जैसे विषयों पर उल्लेखनीय निर्णय लिए गए हैं। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari
इंदौर: ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक, जो भारत की अध्यक्षता में संपन्न हुई, उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां वैश्विक कृषि सहयोग को नई पहचान दी गई है। ‘इंदौर डिक्लेरेशन’ का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि व्यापार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में एक नई शुरुआत करना है।
सहयोग की आवश्यकता पर जोर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के दौरान बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते जलवायु संकट और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ब्रिक्स देशों ने कृषि में सहयोग को बढ़ाने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस बैठक में छोटे और सीमांत किसानों की आय, नई तकनीकों की पहुंच, और सतत कृषि निवेश व निवेश के पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई।
किसान कल्याण को प्राथमिकता
‘इंदौर डिक्लेरेशन’ में किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। इसमें कृषि उत्पादन में वृद्धि, पोषण, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सदस्य देशों ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के खिलाफ रीजेनेरेटिव और जलवायु-संवेदनशील खेती को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
नई पहलों की शुरुआत
बैठक में चार नई संस्थागत पहलों की घोषणा की गई। इनमें ऐग्रो-इकोलॉजी और रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नेटवर्क, डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क, किसानों के बीज अधिकारों के बारे में वैश्विक मंच, और कृषि आदानों एवं आनुवंशिक संसाधनों के आदान-प्रदान के लिए विशेष नेटवर्क शामिल हैं।
नवीनता और युवा महिलाओं की भागीदारी
इस बैठक में कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुँचाने, तकनीकी सहयोग में वृद्धि, और निष्पक्ष कृषि व्यापार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। साथ ही, कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और नवाचार पर आधारित कृषि मॉडल को अपनाने पर भी सहमति बनी।
वैश्विक कृषि विकास का नया अध्याय
इंदौर में आयोजित यह बैठक केवल एक कूटनीतिक शिखर सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि विकास के लिए साझा दृष्टिकोण और सहयोग का एक नया अध्याय मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिक्लेरेशन से खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और किसानों की समृद्धि को नई दिशा प्राप्त होगी।
इस बैठक ने न केवल कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक नीति निर्धारण का मार्ग प्रशस्त किया है, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा को भी एक मजबूत बुनियाद दी है। For more updates, visit theoddnaari.com
एक व्यापक दृष्टिकोण से, ब्रिक्स देशों का यह एकजुटता दिखाता है कि वे एक मजबूत भविष्य चाह रहे हैं, जिसमें कृषि केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है।
साम्राज्ञी माया भारती
Team The Odd Naari
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