जंतर मंतर: रिया के पिता का संघर्ष - शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता

DELHI: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही जंतर मंतर पर चल रहा युवाओं का आंदोलन खत्म हो गया है। इस बीच देहरादून की नीट-यूजी दिवंगत अभ्यर्थी रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इस्तीफा होने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि […] The post जंतर मंतर:  दिवंगत NEET अभ्यर्थी रिया के पिता बोले- सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं, व्यवस्था बदलनी होगी appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 26, 2026 - 00:38
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जंतर मंतर: रिया के पिता का संघर्ष - शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता
जंतर मंतर: रिया के पिता का संघर्ष - शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता

जंतर मंतर: रिया के पिता का संघर्ष - शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता

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कम शब्दों में कहें तो, जंतर मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन के समापन के साथ ही दिवंगत NEET अभ्यर्थी रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ला ने स्पष्ट किया है कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार का समय है।

दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ जंतर मंतर पर युवा छात्रों का आन्दोलन खत्म कर दिया गया है। देहरादून की नीट-यूजी की परीक्षार्थी रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ला ने कहा है कि अकेले मंत्री का इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं करेगा, बल्कि हमें पूरी शिक्षा व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

राजेश मल्ला का बयान

राजेश मल्ला ने कहा कि उनकी बेटी हमेशा कहती थी कि देश की शिक्षा नीति में कई खामियां हैं। परीक्षा प्रणाली में सुधार के बिना ईमानदार छात्रों की मेहनत बर्बाद होती है। उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए देखा। उनका मानना है कि यदि सुधार समय पर किए जाते, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता था।

अवश्‍यता प्रणाली सुधार की

राजेश मल्ला ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एक सकारात्मक कदम है, लेकिन केवल एक व्यक्ति को हटाने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सरल और न्यायसंगत बनाया जाना चाहिए। इसके लिए छात्रों को अपनी मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। राजेश के अनुसार, सारा बदलाव ऐसी दिशा में होना चाहिए कि हर छात्र का भविष्य सुरक्षित रहे और अभिभावको का विश्वास भी बना रहे।

आंदोलन खत्म, लेकिन समस्या बनी हुई है

जंतर मंतर पर अब आंदोलन खत्म हो गया है, लेकिन अभी भी चुनौतीपूर्ण मुद्दे रुके हुए हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत भी हुई। इस बातचीत के परिणाम स्वरूप, सरकार ने आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाएगी और नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना के कारण परेशान छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा मिलेगा।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि “हम आयोजकों के सामने अच्छे इरादे से आंदोलन वापस ले रहे हैं, यह समझते हुए कि सरकार शर्तों को निर्धारित समय के भीतर पूरा करेगी।”

राजेश मल्ला ने स्पष्ट किया है कि उनकी बेटी की आवाज बनकर वह प्रदर्शन में शामिल हुए और यह सुनिश्चित किया कि उनकी बेटी का संघर्ष व्यर्थ न जाए। नागरिकों को अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित करने के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण है।

अंत में, सभी आयोजित आंदोलनों के सकारात्मक पहलुओं को देखते हुए, हम यह मान सकते हैं कि समस्या का समाधान एक टीम के काम से ही होगा। शैक्षणिक प्रणाली में सुधार के लिए दृढ़ संकल्पित बनते हुए अपने सामूहिक प्रयासों के जरिए हम शिक्षा क्षेत्र में तरक्की कर सकते हैं।

अधिक जानकारी और ताजा अपडेट के लिए, कृपया विजिट करें The Odd Naari.

सादर,
टीम द ओड नारी © राधिका मेहरा

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