65 साल की वीर महिला का अद्भुत साहस, गुलदार के हमले में दरांती से बचाई जान

RUDRAPRAYAG: विकासखंड अगस्त्यमुनि के पठालीधार क्षेत्र के कोटी गांव में घास काटने गई एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। महिला ने साहस दिखाते हुए हाथ में पकड़ी दरांती से गुलदार पर जवाबी हमला किया, जिससे गुलदार जंगल की ओर भाग गया। हमले में महिला घायल हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक महिला के हाथ […] The post 65 साल की पहाड़ की वीर महिला को सलाम, गुलदार ने किया हमला तो दरांती से उसे भगाया appeared first on Devbhoomi Dialogue.

Jul 30, 2026 - 00:38
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65 साल की वीर महिला का अद्भुत साहस, गुलदार के हमले में दरांती से बचाई जान
65 साल की वीर महिला का अद्भुत साहस, गुलदार के हमले में दरांती से बचाई जान

65 साल की वीर महिला का अद्भुत साहस, गुलदार के हमले में दरांती से बचाई जान

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कम शब्दों में कहें तो, 65 वर्षीया नारायणी देवी ने एक गुलदार के हमले का डट कर सामना किया और अपनी इकलौती दरांती के सहारे अपनी जान बचाई। यह घटना रुद्रप्रयाग जिले के कोटी गांव में घटी, जिसने स्थानीय जनता को चिंता में डाल दिया है।

रुद्रप्रयाग: विकासखंड अगस्त्यमुनि के पठालीधार क्षेत्र के कोटी गांव में एक साहसी महिला ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब वह मवेशियों के लिए घास काटने गई थीं, अचानक एक गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। महिला ने बिना हिचक के अपनी दरांती को उठाया और तात्कालिक प्रतिक्रिया के साथ गुलदार पर जवाबी हमला प्रारंभ किया। इस हमले के परिणामस्वरूप वह घायल हो गईं, लेकिन उनका साहस गुलदार को पीछे हटाने में सफल रहा।

घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, नारायणी देवी का यह साहसिक कृत्य बुधवार को घटा, जब वह अपनी रोज की दिनचर्या के तहत जंगल में गई थीं। गुलदार के हमले के तुरंत बाद, उन्होंने अपने हाथ में पकड़ी दरांती से लगातार वार किए। इस संघर्ष में, महिला को गंभीर चोटें आईं, विशेषकर उनके हाथ और पैरों में। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अब स्थिर स्थिति में लाया गया है।

स्थानीय गाँववासियों की चिंता

महिला के बेटे पंकज सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र में इस प्रकार की पहली घटना है, जिसने ग्रामीणों में भय का माहौल बना दिया है। खासकर क्योंकि अधिकांश गाँववासी पशुपालन पर निर्भर करते हैं और उन्हें प्रतिदिन जंगल से घास लाने की आवश्यकता होती है। पंकज का कहना है कि ऐसे में गुलदार की मौजूदगी से उनके परिवार के लिए चारा लाना भी जोखिम भरा हो गया है।

वन विभाग से अनुरोध

स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने की अपील की है ताकि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके। साथ ही, उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। गाँववासी अब डर में जीने को विवश हैं और उनकी सुरक्षा के लिए ठोस उपायों की मांग कर रहे हैं।

सरकारी प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा किया है और इस विषय में वन विभाग से बातचीत की जा रही है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा समस्या का समाधान किया जा सके।

महिला के साहस की इस घटना ने सभी को यह सिखाया है कि जब जीवन और जान को चुनौती दी जाती है, तब हमें किस प्रकार की भूमिका निभानी चाहिए। इस वीरता की दास्तान ने न केवल नारायणी देवी को एक आदर्श बना दिया है, बल्कि यह हमारे समाज में महिलाओं की शक्ति को भी उजागर करती है।

अंत में, हम इस साहसी महिला को सलाम करते हैं। उनकी हिम्मत और दृढ़ता हमें यह सिखाती है कि कठिनाइयों का सामना कैसे किया जाए।

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सादर,

टीम दOdd नारी

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