मौत के बाद भी रोशनी बांटेंगे नेत्रदाता! श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हुआ खास सम्मान

देहरादून। मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी लौटाने का संदेश देते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल (SMI) आई बैंक, देहरादून की ओर से 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर विशेष जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को Eye Donation (नेत्रदान) के प्रति जागरूक करना और […] The post मौत के बाद भी रोशनी बांटेंगे नेत्रदाता! श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हुआ खास सम्मान appeared first on Uttarakhand Broadcast.

Sep 10, 2026 - 00:38
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मौत के बाद भी रोशनी बांटेंगे नेत्रदाता! श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में हुआ खास सम्मान

देहरादून। मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी लौटाने का संदेश देते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल (SMI) आई बैंक, देहरादून की ओर से 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर विशेष जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को Eye Donation (नेत्रदान) के प्रति जागरूक करना और नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं तथा उनके परिवारों के अमूल्य योगदान को सम्मान देना रहा।

कार्यक्रम के दौरान नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के उन नर्सिंग स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया, जो अस्पताल में किसी मरीज की मृत्यु की सूचना समय पर आई बैंक तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नर्सिंग स्टाफ के सक्रिय सहयोग से संभावित नेत्रदाताओं की समय रहते पहचान हो पाती है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कॉर्निया संग्रह (Cornea Collection) की प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।

नेत्रदान से किसी की जिंदगी में लौट सकती है रोशनी

कार्यक्रम में एसएमआई आई बैंक की निदेशक प्रो. डॉ. तरन्नुम शकील ने नेत्रदान के महत्व पर जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का माध्यम बन सकता है।

उन्होंने कहा कि समाज में आज भी नेत्रदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं। इन्हें दूर करने के लिए व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय एवं पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए।

नेत्रदाताओं के परिवारों का योगदान प्रेरणादायी

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नेत्रदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि किसी की अंधेरी दुनिया में उजाले की नई शुरुआत है। नेत्रदाताओं के परिवारों द्वारा कठिन समय में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

एसएमआई आई बैंक की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे नेत्रदान के महत्व को समझें और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर इस पुनीत अभियान का हिस्सा बनें। जन-जागरूकता के माध्यम से नेत्रदान को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है और जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है।

 

 

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