सीएम की तत्परता से मिली जरूरतमंद महिला को घर पर सिलाई मशीन

The post सीएम ने सुबह सुनी फरियाद, शाम तक घर पहुंची सिलाई मशीन appeared first on Avikal Uttarakhand. मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और आईएएस बंशीधर तिवारी की तत्परता से कुछ ही घंटों में जरूरतमंद महिला को मिली मदद अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली में जनता… The post सीएम ने सुबह सुनी फरियाद, शाम तक घर पहुंची सिलाई मशीन appeared first on Avikal Uttarakhand.

Jul 12, 2026 - 09:38
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सीएम की तत्परता से मिली जरूरतमंद महिला को घर पर सिलाई मशीन

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता के चलते एक महिला को उसकी जरूरत की सिलाई मशीन कुछ घंटों में ही मुहैया कराई गई। इस घटना ने मुख्यमंत्री के नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता को उजागर किया है।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सहसपुर के एक बहुउद्देशीय शिविर के दौरान साइंस बगड़ निवासी श्रीमती बबली गुप्ता से समस्या सुनी। उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें जूट बैग बनाकर स्वरोजगार अपनाना है, लेकिन सिलाई मशीन के अभाव में उनके प्रयास रुक गए हैं।

मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाए। इस पहल के बाद अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। यह सुनिश्चित किया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देश केवल कागजों तक सीमित न रहें।

सिलाई मशीन दिए जाने का क्षण

शाम तक बबली गुप्ता को उनकी आवश्यक सिलाई मशीन घर पर पहुँचाई गई। इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री धामी की प्रशासनिक कार्यशैली न केवल समस्याओं को सुनने, बल्कि त्वरित समाधान पर भी जोर देती है।

गौर करने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री और उनके टीम के प्रयासों ने बबली गुप्ता की जिंदगी में न केवल एक सिलाई मशीन जोड़ी है, बल्कि उनके स्वरोजगार के सपनों को भी ताकत दी है। इस प्रतिक्रिया पर बबली ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "सरकार की त्वरित कार्रवाई ने मेरे स्वरोजगार के सपने को नई उड़ान दी है।"

मुख्यमंत्री के इस 'त्वरित एक्शन' मॉडल ने यह साबित किया कि अगर प्रशासनिक प्रयास दृढ़ता से लागू किये जाएँ, तो कैसे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है। किसी भी समस्या का समाधान तंत्र और संवेदनशीलता का मेल चाहिए जो कि इस मामले में देखने को मिला।

इस तरह की घटनाएँ मांग करती हैं कि स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेकर नागरिकों की भलाई के लिए तत्पर रहें। ऐसे प्रयास ना केवल लोगों का विश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में भी एक कदम बढ़ाते हैं।

इस घटना ने यह साबित किया है कि जब प्रशासन त्वरित और संवेदनशील होता है, तो नागरिकों की समस्याएं अधिक प्रभावी और त्वरित तरीके से हल की जा सकती हैं। साथ ही, यह भी दिखाता है कि हर एक नागरिक की आवाज़ महत्वपूर्ण है और उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

अंत में, यह त्वरित कार्रवाई केवल एक उदाहरण नहीं है, बल्कि यह एक सबक भी है कि हम सभी को अपने आसपास के लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें अवसर देने का प्रयास करना चाहिए।

सरकारी तंत्र की इस सकारात्मक कार्यशैली को देखकर उम्मीद है कि अन्य मामलों में भी ऐसे ही प्रयास हो सकें।

इसके साथ ही, पत्रकारिता में हमेशा संजीवनी की ज़रूरत होती है। हमें ऐसे समय में चाहिए कि हम इस तरह के सकारात्मक बदलावों को प्रोत्साहित करें और उन्हें उजागर करें।

इसलिए, ज्यादा जानकारी के लिए, आप हमारी वेबसाइट The Odd Naari पर देख सकते हैं।

साभार, टीम द ऑड नारी (रेवा शर्मा)

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