महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम: हर कार्यालय में बनेगी ICC, 30 मई तक देनी होगी रिपोर्ट
देहरादून: महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। […] The post महिलाओं की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: 10 से ज्यादा कर्मचारियों वाले हर कार्यालय में बनेगी ICC, 30 मई तक देनी होगी रिपोर्ट appeared first on Uttarakhand Broadcast.
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम: हर कार्यालय में बनेगी ICC, 30 मई तक देनी होगी रिपोर्ट
कम शब्दों में कहें तो, जिला प्रशासन ने महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के गठन का आदेश दिया है।
देहरादून: महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में, जिला प्रशासन एक्शन मोड पर आ गया है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
आंतरिक शिकायत समितियों का गठन
सीडीओ अभिनव शाह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और गरिमामय वातावरण प्रदान करना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि उन सभी कार्यालयों, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां तत्काल आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन किया जाए। यह समिति महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में मदद करेगी।
जानकारी का प्रचार-प्रसार
बैठक में सीडीओ ने यह भी निर्देशित किया कि कार्यालयों में महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से बचाव संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए बिलबोर्ड लगाए जाएं। इसके साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन सेवा 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाएं
महिला कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने सभी विभागों को कार्यालयों के शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इंसीनेरेटर लगाने का आदेश दिया। साथ ही मातृत्व लाभ संशोधन अधिनियम-2017 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थल पर अमृत कक्ष (फीडिंग रूम), स्वच्छ शौचालय और योग कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
इसके अतिरिक्त, 50 या उससे अधिक महिला कर्मचारियों वाले प्रत्येक सार्वजनिक भवन में क्रेच सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि कामकाजी महिलाओं को बेहतर सहयोग मिल सके।
विशेष निर्देश
परिवहन, शिक्षा और पर्यटन विभाग को खास निर्देश दिए गए हैं ताकि बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक पार्कों जैसी जगहों पर महिलाओं की आवश्यकताओं के अनुसार सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, इंसीनेरेटर और अमृत कक्ष की प्राथमिकता के आधार पर स्थापना सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्टिंग और जवाबदेही
सीडीओ ने सभी विभागों को 30 मई तक निर्धारित प्रारूप में अनुपालन आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग ने समय पर रिपोर्ट नहीं दी, तो उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
इस बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और उनके अनुपालन संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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महिलाओं के ऐसी सुरक्षा उपायों की कार्यान्वयन से न केवल कार्यस्थलों पर उनकी गरिमा बढ़ेगी, बल्कि इससे एक सकारात्मक और सुरक्षित कार्य वातावरण का निर्माण होगा।
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