बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी: उच्च स्तरीय समिति की बैठक और जांच प्रक्रिया तेज
उच्च स्तरीय समिति की जल्द होगी बैठक, एसओपी और एसआईटी जांच तेज ऋषिकेश: बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी के प्रकरण को लेकर शासन स्तर से गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों की जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद विधिवत जांच शुरू होगी : ऋषिकेश। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में […]
बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी: उच्च स्तरीय समिति की बैठक और जांच प्रक्रिया तेज
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कम शब्दों में कहें तो, दान-चढ़ावे में हेराफेरी के मामले में बदरीनाथ धाम में उच्च स्तरीय समिति की बैठक जल्द होने जा रही है, और इसके साथ ही मामले की जांच और सुधार प्रक्रियाएं तेज की जाएंगी।
ऋषिकेश: बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक के बाद ही विधिवत जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच करने तथा इससे संबंधित व्यवस्थागत सुधार के लिए ठोस सुझाव देने के निर्देश दिए हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) इस समिति की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर दान चढ़ावे की गिनती के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने की तैयारी कर रही है।
गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में समिति का गठन
गृह मंत्रालय ने इस मामले की गहन जांच के लिए गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। आयुक्त ने गुरुवार को पौड़ी से लौटने के बाद चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में बीकेटीसी के कार्यालय में बैठक की, जिससे इस मुद्दे पर चर्चा की जा सके।
आनंद स्वरूप ने बताया कि समिति के सदस्यों के साथ जल्द ही बैठक की जाएगी, जिससे जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित बदलाव के सुझाव प्रदान किए जाएंगे।
पारंपरिक व्यवस्था और एसओपी
अतीत में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले बीकेटीसी द्वारा कर्मचारियों का यात्रा ड्यूटी रोस्टर जारी किया जाता था, जिसमें गणना और प्रोटोकॉल के लिए कर्मचारियों की तैनाती की जाती थी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने स्पष्ट किया है कि उच्च स्तरीय समिति के सुझाव प्राप्त होने के बाद गणना के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जाएगी।
विशेष अनुसंधान दल (SIT) और अन्य समितियों द्वारा रिकॉर्ड तलब
इस मामले की जांच के लिए तीन विभिन्न समितियों का गठन किया गया है:
- मंदिर समिति द्वारा बनाई गई प्रारंभिक चार सदस्यीय समिति।
- मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने मंदिर समिति से कर्मचारियों की संख्या और पिछले तीन वर्षों के दान-चढ़ावे और गणना का पूरा रिकॉर्ड मांगा है।
- शासन स्तर की उच्च स्तरीय जांच समिति।
BKTC के CEO सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि SIT द्वारा मांगी जा रही सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे इस मामले की पारदर्शिता बनी रहे।
सारांश
बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में हुई हेराफेरी की जांच को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक जल्द ही होने वाली है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी और अन्य समितियों ने सक्रियता के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि इन जांचों से भविष्य में दान-चढ़ावे के कार्य में अधिक पारदर्शिता और व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी।
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सादर, टीम दOdd Naari
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