पूर्व आईएएस दीपेन्द्र चौधरी की उत्तराखंड सेवा आयोग के आयुक्त के रूप में नियुक्ति
The post पूर्व आईएएस दीपेन्द्र बने उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त appeared first on Avikal Uttarakhand. राज्यपाल ने नियुक्ति को दी मंजूरी, तीन साल या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा कार्यकाल अविकल उत्तराखण्ड देहरादून। उत्तराखंड शासन ने पूर्व आईएएस अधिकारी दीपेन्द्र चौधरी को उत्तराखंड सेवा… The post पूर्व आईएएस दीपेन्द्र बने उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त appeared first on Avikal Uttarakhand.
पूर्व आईएएस दीपेन्द्र चौधरी बने उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त
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कम शब्दों में कहें तो, दीपेन्द्र चौधरी को उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का आयुक्त नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी, और उनका कार्यकाल तीन वर्षों या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा। यह खबर उत्तराखंड की प्रशासनिक प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाती है।
नियुक्ति के पीछे की प्रक्रिया
उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में पूर्व आईएएस अधिकारी दीपेन्द्र चौधरी को उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का आयुक्त नियुक्त किया है। यह निर्णय 21 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से लिया गया, जिसमें राज्यपाल द्वारा उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 और संशोधित अधिनियम, 2014 की धारा 13(1) और धारा 15 के अंतर्गत अनुमोदन दिया गया है।
दीपेन्द्र चौधरी का प्रशासनिक अनुभव
दीपेन्द्र चौधरी का प्रशासनिक सेवा में अब तक का सफर काफी सार्थक रहा है। वे फरवरी 2026 में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए और इससे पहले उन्होंने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि, सचिवालय प्रशासन, सैनिक कल्याण और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने नैनीताल, हरिद्वार, उत्तरकाशी और चंपावत के जिलाधिकारी के रूप में भी सेवाएं दी हैं। उनके द्वारा किए गए कार्य को देखते हुए उनकी नियुक्ति को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है।
नियुक्ति की शर्तें और कार्यकाल
चौधरी का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा। उनकी नियुक्ति की शर्तों के अनुसार, उनका कार्यकाल तीन वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, रहेगा। इसके अलावा, उनके वेतन-भत्ते और सेवा के अन्य नियम उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 की धारा 15(5) के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होंगे।
चौधरी के योगदान की संभावनाएँ
दीपेन्द्र चौधरी की प्रशासनिक पृष्ठभूमि और अनुभव को देखते हुए, यह आशा की जा रही है कि वे आयोग को मजबूत बनाते हुए लोगों की सेवा का अधिकार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे नागरिकों को बेहतर सेवाएं और सरकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन मिल सकेगा।
इस प्रकार, उत्तराखंड के सेवा का अधिकार आयोग में चौधरी की नियुक्ति एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है। विभिन्न प्रशासनिक पदों पर उनके अनुभव का लाभ उठाते हुए आयोग को नई दिशा देने की उम्मीद है।
आगामी समय में, दीपेन्द्र चौधरी की यह नियुक्ति स्थानीय प्रशासन और नागरिक सेवाओं में सकारात्मक बदलाव का प्रेरक बन सकती है।
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सादर, टीम द ओड नारी
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