उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद 9.31 लाख वोटर्स हुए सूची से बाहर, जानें अंतिम स्थिति

Uttarakhand News : उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में 9,31,685 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं रह गया है, उनके पास दोबारा मतदाता […]

Oct 3, 2026 - 18:38
 161  2.4k
उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद 9.31 लाख वोटर्स हुए सूची से बाहर, जानें अंतिम स्थिति

उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद 9.31 लाख वोटर्स हुए सूची से बाहर, जानें अंतिम स्थिति

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - The Odd Naari

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद, 9,31,685 मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

उत्तराखंड में चुनावी मंगनी के बीच एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के बाद आखिरकार अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान 9,31,685 मतदाताओं का नाम इस सूची से हटा दिया गया है। हालांकि, जिन लोगों का नाम सूची में नहीं रह गया है, उन्हें दोबारा मतदाता बनने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा।

एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत

एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत 8 जून को हुई थी। तब राज्य की मतदाता सूची में लगभग 79 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद, आयोग ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की, जिसमें संख्या घटकर 71,33,785 रह गई थी। यह कमी कुछ मतदाताओं के नामों की सत्यापन प्रक्रिया के कारण हुई थी।

मतदाता सूची से 9.31 लाख वोटर्स बाहर

पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को जानकारी देने के लिए विभिन्न गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए थे। इन प्रपत्रों को 7 जुलाई तक भरा जाना था। इसके बाद, ड्राफ्ट सूची जारी होते ही मतदाताओं से अपने नाम और विवरण को लेकर दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का मौका भी दिया गया। आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त तक यह प्रक्रिया जारी रखी।

नए मतदाताओं की वृद्धि

अंतिम सूची में उल्लेखनीय बात यह है कि 1,29,872 नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख को 15 सितंबर निर्धारित किया गया था, लेकिन सीमावर्ती जिलों से जुड़े मतदाताओं के सत्यापन के कारण इसे बढ़ाकर 3 अक्टूबर किया गया।

Uttarakhand News

अंतिम मतदाता सूची में वृद्धि का महत्व

निर्वाचन विभाग अब नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए एक अभियान चलाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, जिन उम्मीदवारों का नाम अंतिम सूची से गायब है, उन्हें फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनानी होगी। यह प्रक्रिया चुनावों में भागीदारी को बढ़ावा देने में सहायक होगी और लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बनाएगी।

अंत में, मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण यह दर्शाता है कि निर्वाचन आयोग किस प्रकार से मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रहा है। निर्वाचन प्रक्रिया में सटीकता और पारदर्शिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके जरिए हम सभी को एक मौलिक अधिकार पर मतदान करने का मौका मिलता है।

यदि आप इस विषय में और जानकारी पाना चाहते हैं, तो कृपया यहाँ क्लिक करें।

सादर,

टीम द ओड नारी

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow