किसानों की आय और जैविक खेती में वृद्धि: हर विकास ब्लॉक में आदर्श कृषि गांव बनाने की पहल

DEHRADUN:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड से एक-एक गांव का चयन कर उसे कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक […] The post किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती के लिए हर ब्लॉक में बनेंगे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव appeared first on Devbhoomi Dialogue.

May 15, 2026 - 09:38
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किसानों की आय और जैविक खेती में वृद्धि: हर विकास ब्लॉक में आदर्श कृषि गांव बनाने की पहल
किसानों की आय और जैविक खेती में वृद्धि: हर विकास ब्लॉक में आदर्श कृषि गांव बनाने की पहल

किसानों की आय और जैविक खेती में वृद्धि: हर विकास ब्लॉक में आदर्श कृषि गांव बनाने की पहल

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DEHRADUN: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के हर विकास खंड से एक गांव का चयन कर उसे कृषि और उद्यान की दृष्टि से एक आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

स्थानीय संसाधनों का उपयोग और सामान्य ज्ञान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता और स्थानीय आवश्यकताओं का गहराई से अध्ययन करें। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किस क्षेत्र में कौन-से फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद अधिक अच्छे से उगाए जा सकते हैं। इस प्रकार का योजनाबद्ध कार्य राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।

नई कार्ययोजनाओं का विकास

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को अगले तीन वर्षों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए। कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।

कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन

मुख्यमंत्री ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर ज़ोर दिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले पौधों, बीज और खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेष फसलों के उत्पादन पर जोर

धामी ने विशेष रूप से तिलहनी फसलों जैसे सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया। उनका मानना है कि किसानों के बीच इन फसलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने से कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और इससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

बायो गैस संयंत्र और सौर ऊर्जा पंप का प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने बायो गैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के विपणन में सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए, साथ ही डिजिटल माध्यमों से बिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

शोध और तकनीकी नवाचारों को किसानों तक पहुँचाना

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शोध और तकनीकी नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के लिए अधिक से अधिक किसानों को 'लैब टू लैंड' कार्यक्रम से जोड़ा जाए। इससे किसान नई तकनीकों का उपयोग कर अपनी फसल उत्पादन क्षमता में वृद्धि कर सकेंगे।

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार की यह पहल स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

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सादर,
टीम द ऑड नारी

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