राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रदर्शन

रायपुर: देश की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस स्वागत समारोह ‘एट होम’ में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति की खास झलक देखने को मिलेगी। 15 अगस्त को होने वाले इस समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की […]

Aug 13, 2026 - 00:38
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राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रदर्शन
राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रदर्शन

राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रदर्शन

कम शब्दों में कहें तो: देश की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन किया जाएगा।

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रायपुर: देश की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ का अवसर हमें राष्ट्रपति भवन में एक अद्वितीय सांस्कृतिक महोत्सव का अनुभव देने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस स्वागत समारोह ‘एट होम’ के तहत 15 अगस्त को छत्तीसगढ़ की लोक और जनजातीय संस्कृति का खास प्रदर्शन होगा। इस समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ गोवा, मध्य प्रदेश, और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर भी सभी के सामने आएगी।

संस्कृति, समुदाय और प्रकृति का संगम

इस विशेष आयोजन का उद्देश्य है देश की विविध लोक परंपराओं को एक साझा मंच पर प्रस्तुत करना। इस समारोह के माध्यम से भारतीय संस्कृति, समुदाय और प्रकृति के बीच पारंपरिक संबंधों को उजागर किया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गेंड़ी और गौर मड़िया नृत्य का खास आकर्षण होगा।

गेंड़ी नृत्य: छत्तीसगढ़ की पहचान

गेंड़ी नृत्य छत्तीसगढ़ के हरेली पर्व से जुड़ा एक अनोखा नृत्य है, जिसमें कलाकार बांस से बनी ऊंची गेंड़ियों पर संतुलन बनाकर नृत्य करते हैं। यह नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है। दर्शकों के लिए यह एक शानदार अनुभव होगा, जो कलाकारों की फुर्ती और कौशल को दर्शाता है।

गौर मड़िया नृत्य: बस्तर की आत्मा

वहीं, गौर मड़िया नृत्य बस्तर के मड़िया जनजाति की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इस नृत्य में पारंपरिक वेशभूषा, विशेष शिरोभूषण और सामूहिक नृत्य के माध्यम से जनजातीय जीवन की वीरता और प्रकृति के साथ संबंध को बखूबी प्रकट किया जाएगा। इस प्रस्तुति में शामिल होने के लिए चार राज्यों के लगभग 35 कलाकारों का एक समूह उत्सुकता से तैयार है।

सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम

समारोह में महाराष्ट्र की लावणी और तुतारी, मध्य प्रदेश का भगोरिया और बैगा करमा, गोवा की सामई एवं घोड़े मोडनी जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू है भारत की लोक परंपराओं की यात्रा, जो छत्तीसगढ़ और बस्तर की पारंपरिक अनुष्ठानिक परंपराओं से प्रारंभ होगी और अन्य राज्यों के संगीत परंपराओं के माध्यम से आगे बढ़ेगी।

म्यूजिक और आर्ट के ज्ञाता राकेश कुमार तिवारी

इस सांगीतिक आयोजन का संयोजन छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक गायक, संगीतकार और रंगकर्मी राकेश कुमार तिवारी द्वारा किया गया है। उन्हें छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अपार योगदान के लिए जाना जाता है। उनकी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा इस आयोजन को और भी विशेष बनाती है।

स्थानीय वाद्ययंत्रों की विशेषता

छत्तीसगढ़ की यह प्रस्तुति केवल नृत्य और संगीत तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें हस्तशिल्प और वस्त्र परंपराओं को भी महत्वपूर्णता दी जाएगी। ढोकरा कला और बस्तर के पारंपरिक लौह शिल्प के माध्यम से प्रदेश की शिल्प विरासत दिखायी जाएगी। इसके अलावा चारों राज्यों की पारंपरिक बुनाई और वस्त्र कला का भी प्रदर्शन होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की पनिका बुनाई और अन्य राज्यों के हाथों के काम शामिल होंगे।

लोक परंपराओं का पर्यावरण से संबंध

इस वर्ष की प्रस्तुति का एक महत्वपूर्ण संदेश लोक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के संबंध पर है। बस्तर क्षेत्र की पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय शिल्प, और प्रकृति की रक्षा के लिए समुदाय की जिम्मेदारियों को उजागर किया जाएगा, यह दर्शाते हुए कि कैसे जनजातीय समाज में संस्कृति और प्रकृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी रही हैं।

छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूती

यह आयोजन राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। नृत्य, संगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र और हस्तशिल्प के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता देशभर में सामने आएगी। यह न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि भारत की विविधता में एकता की आदर्श को भी प्रदर्शित करेगा।

राष्ट्रपति भवन में होने वाला यह अद्‍भुत सांस्कृतिक महोत्सव सभी भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। इस आयोजन के लिए सभी को आमंत्रित किया जाता है कि इस सांस्कृतिक सरोवर का हिस्सा बनें और अपनी धड़कन के साथ जुड़े।

अधिक जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट पर विजिट करें https://theoddnaari.com

सादर,
टीम द ओड नारी (साक्षी शर्मा)

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