मसूरी में मेडिकल स्टोरों की जांच से मचा हड़कंप: दवाओं में अनियमितताएं सामने आईं
देहरादून। आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने और मेडिकल स्टोरों में औषधि बिक्री से जुड़े वैधानिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को मसूरी क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में […] The post कहीं फार्मासिस्ट नहीं, कहीं एक्सपायर दवाइयां! मसूरी में मेडिकल स्टोरों की जांच से मचा हड़कंप appeared first on Uttarakhand Broadcast.
मसूरी में मेडिकल स्टोरों की जांच से मचा हड़कंप: दवाओं में अनियमितताएं सामने आईं
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कम शब्दों में कहें तो, मसूरी में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण करने पर कई दवा दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। निरीक्षण से पता चला कि कई मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के चलाए जा रहे थे और कुछ में एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। ये स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
देहरादून। चिकित्सा क्षेत्र में आवश्यक गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास में मंगलवार को मसूरी क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के सहयोग से 'सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ' अभियान के तहत इस निरीक्षण की योजना बनाई गई।
औचक निरीक्षण की बारीकियां
इस कार्रवाई का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने किया, जिसमें वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान भी शामिल थे। टीम ने मसूरी क्षेत्र के पांच मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण करवाया जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
अनियमितताओं के मामले
हैमर्स मेडिकोज का निरीक्षण
हैमर्स मेडिकोज दवा दुकान पर निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाया गया। यहां एक्सपायर दवाएं भी अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। मेडिकल स्टोर में दैनिक उपभोग की वस्तुएं भी समझौता के नियमों के खिलाफ बेचने के लिए रखी गई थीं।
यहां न केवल CCTV कैमरे गायब थे, बल्कि सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब थी। इस वजह से टीम ने दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए संचालक को नोटिस का जवाब देने के लिए निर्देश दिए, अन्यथा लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी।
पायनियर मेडिकल स्टोर का मामला
पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक दोनों ही उपस्थित थे, किंतु एक्सपायर दवाओं के रखरखाव में कमी पाई गई। दवाइयों के साथ अन्य सामान भी बिक्री के लिए रखा गया था।
फ्रिज चालू तो था, लेकिन उसमें तापमान दिखाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। संचालक ने स्पष्ट किया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस की जा चुकी हैं। इस सबको ध्यान में रखते हुए टीम ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अग्रवाल मेडिकोज में दवा बिक्री का मामला
अग्रवाल मेडिकोज में, जबकि स्टोर मालिक मौजूद था, फार्मासिस्ट छुट्टी पर थी। निरीक्षण में पाया गया कि फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा बिक्री की जा रही थी।
कम तापमान नहीं बनाए रखने के कारण यहां रखी वैक्सीन भी अनुपयुक्त पाई गई। इसके अलावा, कई दवाएं एक्सपायर स्थिति में थी और स्टोर की सफाई संतोषजनक नहीं थी। इस स्थिति को देखते हुए टीम ने दुकान को बंद करते हुए दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी।
ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर की स्थिति
ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। यहां एक्सपायर दवाओं का रखरखाव सही तरीके से नहीं हो रहा था और दवाओं को रखने के लिए उपयोग किए जाने वाले फ्रिज की स्थिति भी खराब थी।
टीम ने संचालक को नए फ्रिज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और स्थिति को गंभीर मानते हुए स्टोर को बंद करने के निर्देश दिए।
ए. जेम्स एंड कंपनी का लाइसेंस रद्द
ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक दोनों मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान जब लाइसेंस मांगा गया, तो संचालक ने इसे प्रस्तुत नहीं किया। जांच में यह भी पाया गया कि लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी।
बिजली फ्रिज में एक्सपायर दवाएं और अन्य दवाओं का रखरखाव अव्यवस्थित पाया गया। स्टोर में सफाई की स्थिति भी बहुत खराब थी।
जनस्वास्थ्य एवं नागरिक अधिकारों का पालन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का कहना है कि इस प्रकार के निरीक्षण केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक हैं। दवाइयों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और वितरण सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य से संबंधित हैं, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में निगरानी
सीमा डुंगराकोटी ने छेत्रीय निगरानी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े कार्यक्रमों पर हमेशा अद्यतन रहेगा। विशेषकर दूरस्थ और पर्यटन क्षेत्रों में स्वास्थ सेवा तथा औषधियों के मानकों का पालन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट किया है कि जब बात स्वास्थ्य की होती है, तो जनता की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना पहली प्राथमिकता है। आगे बढ़ते हुए, ऐसे निरंतर निरीक्षण न केवल कानून के अनुपालन को सुनिश्चित करने में सहायक होंगे, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों को भी ऊँचा उठाने का कार्य करेंगे।
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Team The Odd Naari
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