उत्तराखंड में ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत की नई कार्ययोजना लागू
The post ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत की व्यापक कार्ययोजना लागू appeared first on Avikal Uttarakhand. मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी विभागों को जारी हुए विस्तृत दिशा-निर्देश प्रमुख सचिव आर के सुधांशु द्वारा जारी किए गए निर्देश अविकल उत्तराखण्ड देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित… The post ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत की व्यापक कार्ययोजना लागू appeared first on Avikal Uttarakhand.
उत्तराखंड में ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत की नई कार्ययोजना लागू
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन बचत के लिए एक व्यापक कार्ययोजना शुरु की है, जिसमें सभी विभागों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिसके तहत प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की ओर से सभी विभागों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कदम
राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के बाद उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक संकटों का ध्यान रखते हुए ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को अत्यंत आवश्यक बताया है। सरकार का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर ढंग से उपयोग कर, ऊर्जा खपत को कम करना और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का हिस्सा बनाना है।
सरकारी दफ्तरों में ऊर्जा दक्षता
नए दिशा-निर्देशों के तहत, सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनरों का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाएगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक बिजली और ऊर्जा उपकरणों के उपयोग में नियंत्रण लाना है। इसके अलावा, अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और साझा वाहन व्यवस्था की दिशा में प्रेरित किया जाएगा, जिससे ईंधन की खपत कम हो सके।
वर्क फ्रॉम होम और नो व्हीकल डे को बढ़ावा
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों को प्राथमिकता दी जाए और भौतिक बैठकों को सीमित किया जाए। इसके तहत “वर्क फ्रॉम होम”, “नो व्हीकल डे”, और साइकिल शेयरिंग जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह प्रयास न केवल ईंधन की खपत कम करेगा, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रखेगा।
स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
सरकार की योजना के तहत, “Visit My State / Holiday in India” अभियान के माध्यम से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक, ग्रामीण और इको-टूरिज्म को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे लोगों की लंबी दूरी की अनावश्यक यात्रा में कमी आएगी।
स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन
“Made in Uttarakhand” अभियान के तहत राज्य सरकार स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने का संकल्प ले रही है। इसके अंतर्गत, MSMEs और स्वयं सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। इससे स्थानीय रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा
कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने योजनाएँ बनाईं हैं। किसानों को Natural Farming और Zero Budget Farming का प्रशिक्षण दिया जाएगा, तथा FPOs और सहकारी समितियों के माध्यम से Bio-input Resource Centres स्थापित किए जाएंगे।
सौर ऊर्जा और अन्य परियोजनाओं में तेजी
राज्य में PNG, LPG और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी कई उपाय किए जाएंगे। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत, रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के साथ ही Compressed Bio Gas (CBG) परियोजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नगर निकायों को ठोस अपशिष्ट से CBG उत्पादन पर भी कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
निवेश परियोजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन
खनन, सौर ऊर्जा और अन्य बड़े निवेश परियोजनाओं के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। इससे राज्य स्तर पर सक्षम समितियों द्वारा त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत से जुड़े उपायों को प्रभावी रूप से लागू करें।
इस नई कार्ययोजना के माध्यम से उत्तराखंड सरकार अपने पर्यावरण संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी नया दिशा मिलेगा।
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Team The Odd Naari, राधिका शर्मा
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