उत्तराखंड में 160 दिन बाद नर्सिंग शिक्षकों का आंदोलन स्थगित, प्रदर्शनकारी 60 घंटे बाद टंकी से उतरे
DEHRADUN: उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर 5 महीने से नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है। आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत 5 नर्सिंग अभ्यर्थी पानी की टंकी से भी नीचे उतर गए हैं। वो करीब 60 घंटे टंकी पर चढ़े हुए थे, जो सरकार […] The post 60 घंटे बाद टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी, नर्सिंग कर्मचारियों का 160 दिन से चला आ रहा आंदोलन स्थगित appeared first on Devbhoomi Dialogue.
उत्तराखंड में 160 दिन बाद नर्सिंग शिक्षकों का आंदोलन स्थगित, प्रदर्शनकारी 60 घंटे बाद टंकी से उतरे
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन 160 दिन के बाद स्थगित हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने 60 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़कर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
DEHRADUN: उत्तराखंड में नर्सिंग बेरोजगारों के लिए वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने अंततः एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित पांच नर्सिंग अभ्यर्थियों ने पानी की टंकी पर चढ़कर 60 घंटे तक प्रदर्शन किया। हालाँकि, सरकार की ओर से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद सभी ने टंकी से उतरने का निर्णय लिया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले, नर्सिंग बेरोजगार पिछले पांच महीनों से एकता विहार धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे थे। हालाँकि, उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक कार्रवाई की कमी के कारण तीन दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने उग्र आंदोलन की योजना बनाई। उन्होंने परेड ग्राउंड की ओर बढ़ने का निर्णय लिया और इसी दौरान कुछ नर्सिंग अभ्यर्थी सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने 12 मई की शाम को धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलनकारियों के साथ संवाद किया। इसके परिणामस्वरूप सरकार ने नर्सिंग कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।
आंदोलन का परिणाम और भविष्य
नर्सिंग कर्मचारियों ने कहा कि वे सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं, लेकिन भविष्य में अगर उनकी मांगों को लेकर किसी भी प्रकार की आनाकानी की गई, तो वे और अधिक मजबूत होकर फिर से आंदोलन करेंगे। उन्होंने सभी संगठनों, साथियों और आम जन का धन्यवाद किया जिन्होंने इस आंदोलन में उनका समर्थन किया।
ज्योति रौतेला और पानी की टंकी का प्रदर्शन
इस आंदोलन में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने करीब 60 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। मंगलवार को उन्होंने पेट्रोल छिड़कने का भी प्रयास किया था, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। लेकिन सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद सभी प्रदर्शनकारी टंकी से नीचे उतर गए और इसी के साथ 160 दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया।
यह आंदोलन उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। आगे भी नर्सिंग कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ाई जारी रखेंगे।
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राजेश्वरी शर्मा
Team The Odd Naari
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